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मौजे में छिपाकर ले जा रहे थे 3 हजार मकड़ी, एयरपोर्ट पर पकड़े गए तस्कर

एयरपोर्ट पर लगेज जांच में तीन पैसेंजर के बैग से 3 हजार से ज्यादा एक खास प्रजाति की जिंदा मकड़ियां बरामद हुई. इन्हें मौजों के अंदर छुपाकर दूसरे देश ले जाया जा रहा था.

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एयरपोर्ट पर लगेज जांच में मौजे में बंद मिली 3000 मकड़ियां (Photo - AI Generated)
एयरपोर्ट पर लगेज जांच में मौजे में बंद मिली 3000 मकड़ियां (Photo - AI Generated)

आमतौर पर लोग सफर के दौरान अपने सामान में कपड़े, जूते और दूसरी जरूरी चीजें रखते हैं. लेकिन पेरू के एक एयरपोर्ट पर यात्रियों के सामान की जांच के दौरान ऐसा कुछ मिला, जिसे देखकर कर्मचारी भी हैरान रह गए. 

यहां तीन यात्रियों के बैग से 3 हजार से ज्यादा जिंदा मकड़ियां बरामद हुईं. हैरानी की बात यह थी कि इन मकड़ियों को मौजों के अंदर छिपाकर रखा गया था. अधिकारियों को शक है कि इनकी तस्करी करके जर्मनी ले जाया जा रहा था, जहां इन्हें शौकीनों को बेचा जाना था.

कैसे पकड़ी गईं हजारों मकड़ियां?
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला पेरू के कालाओ शहर स्थित जॉर्ज शावेज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है. मंगलवार को एयरपोर्ट कर्मचारियों ने तीन यात्रियों के सूटकेस की तलाशी ली. दरअसल, अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग अपने सामान में वन्यजीवों की तस्करी कर रहे हैं. इसके बाद जब बैगों की जांच की गई तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया.

तीनों यात्रियों के बैग में 15 से 20 मौजे रखे हुए थे. जब इनकी जांच की गई तो इनके अंदर हजारों मकड़ियां छिपी मिलीं. अधिकारियों ने कुल 3 हजार से ज्यादा टैरेंटुला मकड़ियां बरामद कीं. इनमें अंडे, छोटी मकड़ियां और पूरी तरह विकसित वयस्क मकड़ियां भी शामिल थीं.

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कौन कर रहा था मकड़ियों की तस्करी?
पेरू की नेशनल फॉरेस्ट्री एंड वाइल्डलाइफ सर्विस (SERFOR) के मुताबिक, पकड़े गए तीन यात्रियों में दो जर्मनी और एक पोलैंड का नागरिक था. अधिकारियों को शक है कि ये लोग इन मकड़ियों को जर्मनी ले जाकर बेचने की तैयारी में थे.

SERFOR की वाइल्डलाइफ फॉरेस्ट्री कंट्रोल टेक्नीशियन कोरा सुआरेज ने बताया कि टैरेंटुला की कुछ प्रजातियां काफी कीमती मानी जाती हैं. इनके खास रंग, बड़े आकार और अनोखी बनावट की वजह से लोग इन्हें पालने और अपने कलेक्शन में रखने के लिए खरीदते हैं.

सुआरेज के मुताबिक, इन मकड़ियों की मांग खासतौर पर उन लोगों के बीच होती है, जिन्हें अलग-अलग प्रजातियों के जीवों को इकट्ठा करने का शौक है.

फिलहाल तीनों यात्रियों को पेरू की पर्यावरण अपराध पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अब उनके खिलाफ पर्यावरण अपराधों से जुड़े विशेष अभियोजन कार्यालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी सामने आ चुका है कीड़ों की तस्करी का मामला
हवाई जहाज से दुर्लभ जीवों और कीड़ों की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है. साल 2025 में भी अमेरिका के लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जापान से आए एक कार्गो शिपमेंट में 37 से ज्यादा जिंदा बीटल बरामद किए गए थे.

हैरानी की बात यह थी कि इन कीड़ों को आलू के चिप्स, चॉकलेट और दूसरे जापानी स्नैक्स के पैकेटों के अंदर छिपाया गया था. अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के अधिकारियों ने जांच के दौरान इन्हें पकड़ा था.

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अधिकारियों के मुताबिक, इन बीटल कीड़ों की भी कलेक्टरों के बीच काफी मांग है और इनकी कीमत करीब 1,500 डॉलर यानी लगभग 1.3 लाख रुपये आंकी गई थी.

इन दोनों घटनाओं से साफ है कि दुर्लभ जीवों और कीड़ों की मांग के चलते उनकी अवैध तस्करी के लिए तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कभी स्नैक्स के पैकेट तो कभी मौजों के अंदर छिपाकर इन जीवों को एक देश से दूसरे देश ले जाने की कोशिश की जा रही है.

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