Best places for mango lovers in India: गर्मियों का मौसम आते ही जिस चीज की सबसे पहले याद आती है, वह है आम. भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि यह बचपन की यादों, गर्मियों की छुट्टियों और हर घर के स्वाद से जुड़ा एक जज्बात है. आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में आम की 1200 से भी ज्यादा किस्में पाई जाती हैं.
आजकल लोगों के बीच 'मैंगो टूरिज्म' का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि लोग सिर्फ बाजार से आम खरीदकर खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्मियों की छुट्टियों में सीधे आम के बड़े-बड़े बागानों में घूमने जाते हैं. वहां पेड़ों से खुद ताजे आम तोड़कर खाना, आम महोत्सव में शामिल होना और सीधे किसानों से मिलना एक अलग ही मजा देता है. आइए जानते हैं देश के उन चुनिंदा जगहों के बारे में, जहां आप मैंगो टूरिज्म का आनंद ले सकते हैं.
कोकण तट (महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक)
यहां का अल्फांसो आम सबसे ज्यादा मशहूर है. इसे 'आमों का राजा' भी कहा जाता है. यह मुख्य रूप से रत्नागिरी, रायगढ़ और देवगढ़ जैसे इलाकों में उगाया जाता है. इस आम का स्वाद बहुत मीठा होता है और इसमें रेशे नहीं होते. यहां आने वाले लोग आम के बागानों में घूमकर ताजे आम का स्वाद ले सकते हैं.
पश्चिम बंगाल (मालदा और मुर्शिदाबाद)
मालदा और मुर्शिदाबाद में आम की कई बढ़िया किस्में मिलती हैं जैसे हिमसागर, लक्ष्मणभोग और दशहरी. ये आम बहुत मीठे और रेशे रहित होते हैं, इसलिए लोगों में इनकी बहुत मांग रहती है. ये आम खासकर बंगाल में ज्यादा पाए जाते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और मालिहाबाद जैसे इलाकों में भी मिलते हैं. जून के महीने में यहां आम महोत्सव भी होता है, जहां लोग अलग-अलग किस्मों के आम का स्वाद ले सकते हैं.
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश भारत के सबसे बड़े आम उत्पादक राज्यों में से एक है. यहां बांगनपल्ली, नीलम, चिन्ना रसालू और सुवर्णरेखा जैसी किस्में बहुत मशहूर हैं. यहां के प्राकासम, पूर्वी गोदावरी और चित्तूर जैसे इलाकों में आम के बागानों में घूमने और ताजे आम चखने का मौका मिलता है. कटाई के समय यहां स्वाद चखने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं.
गोवा और तटीय कर्नाटक
गोवा का मंकुराद आम अपने खास स्वाद और पीले रंग के लिए जाना जाता है. यह आम गोवा में बहुत पसंद किया जाता है और इसका स्वाद बाकी जगहों से अलग और अनोखा होता है. यह महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी पाया जाता है.
बेंगलुरु (कर्नाटक)
तोतापुरी आम दक्षिण भारत में बहुत मिलता है. बेंगलुरु में इसे 'गिनिमूठी माविना काई' भी कहा जाता है. बाकी भारत में इसे तोतापुरी के नाम से जाना जाता है. इस आम की खास बात यह है कि इसका छिलका बहुत ज्यादा कड़वा नहीं होता, इसलिए इसे कई लोग छिलके के साथ भी खाते हैं. यह आम कर्नाटक और तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है.
उत्तर प्रदेश
लंगड़ा आम की शुरुआत वाराणसी (बनारस) से हुई मानी जाती है. यह उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी पाया जाता है. इस आम की अलग-अलग किस्में मिलती हैं. पूर्वी भारत में इसका हरा और मीठा प्रकार ज्यादा मिलता है, जबकि उत्तर भारत में इसका नारंगी रंग का, ज्यादा गूदेदार और रसदार प्रकार पाया जाता है.
भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं है, बल्कि हर राज्य की संस्कृति और स्वाद की पहचान है. गर्मियों में इन जगहों पर घूमकर आप न सिर्फ आम खा सकते हैं, बल्कि खेती और ग्रामीण जीवन को भी करीब से समझ सकते हैं.