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उरुग्वे

उरुग्वे

उरुग्वे

उरुग्वे (Uruguay) दक्षिण-पूर्वी दक्षिण अमेरिका में स्थित एक देश है. इसका आधिकारिक नाम ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे है. इसके पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में अर्जेंटीना तथा उत्तर और उत्तर-पूर्व में ब्राजील स्थित है. दक्षिण में रियो दे ला प्लाटा और दक्षिण-पूर्व में अटलांटिक महासागर इसकी सीमाओं से जुड़े हैं. उरुग्वे दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी शंकु क्षेत्र का हिस्सा है. देश का कुल क्षेत्रफल करीब 1,76,215 वर्ग किलोमीटर है. यहां की आबादी लगभग 35 लाख है. राजधानी और सबसे बड़ा शहर मोंटेवीडियो है, जहां देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है.

उरुग्वे के वर्तमान क्षेत्र में करीब 13 हजार साल पहले शिकारी और संग्रहकर्ता समुदायों के रहने के प्रमाण मिलते हैं. यूरोप से यहां पहुंचने वाले शुरुआती खोजकर्ताओं में स्पेनिश नाविक हुआन दियाज दे सोलिस का नाम लिया जाता है, जो 1516 में इस क्षेत्र में पहुंचे थे. यूरोपीय आगमन के समय चारुआ यहां के प्रमुख स्थानीय समुदायों में शामिल थे. इसके अलावा गुआरानी और चाना जैसे समुदाय भी इस क्षेत्र में रहते थे.

17वीं शताब्दी के दौरान इस क्षेत्र को लेकर स्पेन और पुर्तगाल के बीच संघर्ष बढ़ा. पुर्तगालियों ने 1680 में कोलोनिया दो सैक्रामेंटो की स्थापना की. इसके बाद स्पेन ने मोंटेवीडियो को सैन्य केंद्र के रूप में विकसित किया. उरुग्वे की स्वतंत्रता की प्रक्रिया में स्पेन और पुर्तगाल के अलावा रियो दे ला प्लाटा के संयुक्त प्रांत तथा ब्राजील की भूमिका रही. लंबे संघर्ष के बाद 1828 में उरुग्वे की स्वतंत्रता को मान्यता मिली. 1830 में देश का संविधान लागू हुआ और उरुग्वे एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित हुआ.

स्वतंत्रता के शुरुआती दौर में देश को राजनीतिक संघर्ष और बाहरी हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा. 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्पेन, इटली और फ्रांस सहित यूरोप के कई देशों से बड़ी संख्या में लोग उरुग्वे पहुंचे. इन प्रवासियों का प्रभाव देश की जनसंख्या और सामाजिक जीवन पर पड़ा.

उरुग्वे की राजनीति में लंबे समय तक कोलोराडो पार्टी और नेशनल पार्टी का प्रमुख प्रभाव रहा. दोनों दलों के बीच 19वीं शताब्दी में कई आंतरिक संघर्ष हुए. 20वीं शताब्दी की शुरुआत में देश में आर्थिक, श्रम और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई सुधार किए गए.

1960 और 1970 के दशक में आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और वामपंथी शहरी गुरिल्ला गतिविधियों के बीच 1973 में सैन्य तख्तापलट हुआ. इसके बाद देश में नागरिक-सैन्य शासन रहा, जो 1985 में समाप्त हुआ. वर्तमान में उरुग्वे एक लोकतांत्रिक संवैधानिक गणराज्य है. राष्ट्रपति देश के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख होते हैं.

उरुग्वे संयुक्त राष्ट्र, अमेरिकी राज्यों के संगठन और मर्कोसुर का संस्थापक सदस्य है. देश ने 2013 में वयस्कों के लिए गांजा के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को कानूनी ढांचे में शामिल किया था. इसके अलावा यहां समान लिंग के लोगों के विवाह, गर्भपात और इच्छामृत्यु से संबंधित कानूनी प्रावधान भी मौजूद हैं.

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