हर साल फरवरी के पहले पखवाड़े के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद (Haryana, Faridabad) के सूरजकुंड में भारतीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए एक मेला आयोजित किया जाता है (Surajkund Mela). मेले में रंगों की बौछार, ढोल की थाप की लय और आनंद का एहसास होता है. मेले का आयोजन सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति और विदेश मामलों के केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से किया जाता है (Surajkund Mela Organized by Haryana Tourism). 36वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2022 के लिए किस राज्य को थीम स्टेट चुना गया है. मेले में कम से कम 20 देश और भारत के सभी राज्य ने भाग लिया था.
हजारों विदेशी पर्यटकों सहित दस लाख से अधिक आगंतुक मेले में आते हैं. सूरजकुंड मेला अनूठा है क्योंकि यह भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक ताने-बाने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है और यह दुनिया का सबसे बड़ा शिल्प मेला है (Surajkund Mela Crafts). मेला परिसर में स्थित ओपन-एयर थिएटर, दोनों चौपालों में बड़ी संख्या में प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और सांस्कृतिक समूह प्रदर्शन करते हैं. यहां हर शाम के दौरान मुख्य चौपाल पर मोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. मेले में हर राज्य से जुड़े व्यंजन के फूड स्टॉल के साथ ही, मनोरंजन, साहसिक खेल और जॉय राइड्स की भी व्यवस्था होती है (Surajkund Mela Rides).
सूरजकुंड मेले में अब कुछ ही दिन शेष हैं. मेले के अंतिम दिनों में कई चीजें पहले से कम दामों पर मिल रही हैं. शॉल, दुपट्टा और कपड़ों की स्टॉल पर अच्छा डिस्काउंट देखने को मिल सकता है. मेले में इस समय खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
सूरजकुंड मेले में हुआ हादसा ये दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियाँ मौजूद हैं. घटनाओं की जांच केवल कागजी हो रही है और वाकई में जरूरी सुधार नहीं हो रहे. बार-बार होने वाले हादसे यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा उपायों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. विक्रेता आधारित प्रणाली में सबसे ऊँची बोली लगाने वाला घटिया सामान प्रदान करता है.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जाम, दिल्ली जनकपुरी गड्ढा हादसा और सूरजकुंड मेले में झूला टूटने की घटनाओं ने सिस्टम की गंभीर नाकामी उजागर की है. हर बार असली ज़िम्मेदारी तय होने के बजाय ‘बलि का बकरा’ बनाया जाता है.
सूरजकुंड मेला हादसे पर सवाल यह है कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है. सरकार ने सही कदम उठाते हुए जांच समिति गठित की और मुआवजे की घोषणा की, लेकिन सवाल यह है कि असली कार्रवाई कब होगी?
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में हुए हादसे में पुलिस ने झूला मालिक समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है जिसमें एसीपी क्राइम वरुण दहिया, एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर शामिल हैं.
सूरजकुंड के अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूट गया. अब तक मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच के लिए एसआईटी टीम बना दी गई है, लेकिन सवाल वही कि आखिर इस तरह की लापरवाही को सरकारें कब तक नजरअंदाज करेंगी? आखिर कब तक यूं ही आम जनता की जान से खिलवाड़ होगा? देखें विशेष.
हरियाणा के सूरजकुंड मेले में हुए हादसे ने सबको झकझोर दिया है..सूरजकुंड में हुए इस हादसे ने सिस्टम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हरियाणा सरकार के मंत्री का कहना है कि यहां रोजाना सुरक्षा जांच की जाती है. अगर ऐसा है, तो फिर सवाल उठता है कि इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? आखिर वो चूक क्या थी, जिसकी कीमत एक इंस्पेक्टर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी? देखें दंगल.
सूरजकुंड मेले में एक झूले के टूटने से हादसा हो गया. जिसमें कई लोग घायल हो गए. जबकि झूले में फंसे घायलों को बचाने गए एक SI की मौत हो गई. जिस एसआई की मौत हुई है. उन्हें राज्यपाल मेडल से सम्मानित भी कर चुके हैं.
सूरजकुंड मेले में झूला गिरने को लेकर फरीदाबाद पुलिस ने जांच के लिए SIT गठित की है. इस मामले में FIR भी दर्ज हो गई है जिसमें झूला चलाने वालों पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. शिकायत में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है.
सूरजकुंड मेले में झूला गिरने के बाद लोगों को बचाते हुए पुलिस निरीक्षक जगदीश की मौत हो गई. हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को सराहा है और उनके परिजन को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने की घटना ने अफरा-तफरी मचा दी. इस हादसे में मौके पर मौजूद लगभग 13 लोग घायल हो गए जिनमें से छह से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं. इस गंभीर घटना में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई. यह हादसा मेले की सुरक्षित व्यवस्था और सुरक्षा की चुनौती को उजागर करता है. तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले के दौरान झूला के टूटने से बड़ा हादसा हुआ. झूला टूटते ही अफरातफरी मच गई और मौके पर मौजूद एक दर्जन घायल हो गए. एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हौ गई है. कुल छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं. मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है.
सूरजकुंड मेला 2026 हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम का अनोखा खजाना है. अगर आप अपने घर को एक रॉयल और एथनिक लुक देना चाहते हैं, तो इस मेले से हैंडलूम साड़ियों, टेराकोटा शोपीस और पारंपरिक पेंटिंग्स जैसे खास सामान जरूर लाएं. ये चीजें न केवल आपके घर को महकाएंगी, बल्कि आपकी चॉइस की तारीफ भी कराएंगी.
फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध 39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आगाज 31 जनवरी से होने जा रहा है. 15 फरवरी तक चलने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव के लिए प्रशासन ने खास तैयारी की है. यहां जानिए पहली बार मेला जाने वालों के लिए सबसे आसान और सस्ता ट्रैवल रूट क्या है.
सूरजकुंड मेले के लिए टिकट विशेष रूप से डीएमआरसी मोमेंटम 2.0 ऐप के माध्यम से, सभी मेट्रो स्टेशनों पर और मेला स्थल पर टिकट काउंटरों से खरीदे जा सकते हैं.
02 फरवरी से 37वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत हो गई है, जो 18 फरवरी तक चलेगा. इस बार मेले की थीम गुजरात पर है. आइये मेले के स्थान से लेकर एंट्री के समय और टिकट के बारे में सबकुछ बताते हैं.
Surajkund Mela 2023: सूरजकुंड मेले को लेकर हरियाणा के अलावा दिल्ली-एनसीआर के लोगों में भी भारी उत्साह देखने को मिलता है. हजारों की तादाद में लोग सूरजकुंड मेला देखने के लिए फरीदाबाद पहुंचते हैं. अगर आप भी फरीदबाद जाकर सूरजकुंड मेला देखने का प्लान बना रहे हैं तो आइए जानते हैं कि सूरजकुंड कैसे पहुंच सकते हैं.
फरीदाबाद में 36वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत हो गई है. इस बार मेले की थीम नॉर्थ ईस्ट रीजन के 8 स्टेट पर है. यहां आपको अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के खास सामान देखने को मिलेंगे. मेले में पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल शिरकत करेंगे.
03 फरवरी से 36वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की शुरुआत हो गई है, जो 19 फरवरी तक चलेगा. इस बार मेले की थीम नॉर्थ ईस्ट रीजन की 8 स्टेट पर है और पार्टनर कंट्रीज के तौर पर शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के राष्ट्र हैं. आइये मेले के स्थान से लेकर एंट्री के समय और टिकट के बारे में सबकुछ बताते हैं.