श्रुति गंगवार (Shruti Gangwar) उत्तर प्रदेश से भाजपा की नेती हैं. 5 अक्टूबर 2026 को भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है.
वह झारखंड के राज्यपाल और बरेली से आठ बार सांसद रहे संतोष गंगवार की बेटी हैं. संतोष गंगवार केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. श्रुति गंगवार का राजनीतिक जुड़ाव मुख्य रूप से बरेली और रुहेलखंड क्षेत्र से रहा है.
श्रुति गंगवार वर्तमान में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बरेली की चेयरपर्सन हैं. अगस्त 2024 में वह बैंक की निदेशक चुनी गई थीं और इसके बाद 13 अगस्त 2024 को चेयरपर्सन पद पर निर्विरोध चुनी गईं. बैंक के आधिकारिक विवरण में भी उनका नाम चेयरपर्सन के तौर पर दर्ज है.
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक से जुड़ने से पहले इस जिम्मेदारी को उनकी मां सौभाग्य गंगवार संभाल रही थीं. उनके निधन के बाद बैंक के बोर्ड में श्रुति गंगवार की भूमिका सामने आई. इसके बाद बैंक की गतिविधियों के साथ उनका सार्वजनिक और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ा.
राजनीतिक स्तर पर श्रुति गंगवार बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं. वह भाजपा के कार्यक्रमों, जनसंपर्क गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही हैं. हाल के एक कार्यक्रम में उन्होंने युवतियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर बात की थी.
श्रुति गंगवार की राजनीतिक सक्रियता को लेकर पिछले कुछ समय से बरेली की राजनीति में चर्चा रही है. उन्होंने पहले भी भाजपा के चुनावी कार्यक्रमों में भाग लेने की बात कही है. उनके अनुसार 2004, 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी के अभियानों में हिस्सा लिया था. 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी बरेली लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा सीटों पर पार्टी की गतिविधियों में उनकी भागीदारी रही.
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की. बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे. उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण मतदान नहीं हुआ. सपा के धनराज नथवानी ने निर्वाचित होने पर अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया.
उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव के जरिए 2027 की बिसात बिछाते हुए बीजेपी ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों की जगह पर कैडर से जुड़े नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ सपा के 'पीडीए' और ब्राह्मण कार्ड को चित करने का मजबूत मास्टरस्ट्रोक खेला है.
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काट दिया है. 8 नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सोशल इंजीनियरिंग की मजबूत जमीन तैयार कर दी है.