संसद में पेश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. केंद्र सरकार ने रांची के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडर्नाइजेशन और विस्तार की घोषणा की है. इसके तहत देश में दूसरा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS 2.0) रांची में स्थापित किया जाएगा, साथ ही रांची और तेजपुर के संस्थानों को रीजनल एपेक्स संस्थान के रूप में डेवलप किया जाएगा.
उत्तर भारत में अब तक कोई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान नहीं था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. देश का पहला NIMHANS बेंगलुरु में स्थित है, जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी है.
रांची में पहले से ही दो प्रमुख संस्थान सक्रिय हैं. केंद्रीय शासन के अंतर्गत आने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) और राज्य सरकार के तहत रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज (आरआईएनपीएएस). ये दोनों संस्थान सौ सालों से भी अधिक समय से मानसिक स्वास्थ्य की सेवा, रिसर्च और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
यह भी पढ़ें: 'बजट विकसित भारत की दिशा में मजबूत रोडमैप...', सीएम योगी आदित्यनाथ ने की तारीफ
CIP प्रशासन ने बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत किया है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसे NIMHANS जैसे स्तर पर एडवांस करने की मांग की जा रही थी. प्रस्ताव के अनुसार, CIP परिसर में 500 बेड का नया अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और बाल चिकित्सा विभाग सम्मिलित होंगे. यह परियोजना लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी और आगामी वित्तीय साल में कार्य शुरू होने की संभावना है.
CIP की स्थापना 17 मई 1918 को ब्रिटिश शासन के दौरान रांची यूरोपीय पागलखाना के रूप में हुई थी. अब केंद्रीय बजट के जरिए रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो इस क्षेत्र में नई उम्मीदों को जन्म देंगे.