राजघाट (Raj Ghat), भारत की राजधानी दिल्ली (Capital of India, Delhi) में स्थित महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को समर्पित एक स्मारक है. मूल रूप से यह पुरानी दिल्ली (Old Delhi) (शाहजहांनाबाद) के एक ऐतिहासिक घाट का नाम था. दिल्ली के दरियागंज के पूर्व में राज घाट गेट था, जो यमुना नदी (Yamuna River) के पश्चिमी तट के तरफ खुलता था. बाद में स्मारक क्षेत्र को राजघाट कहा जाने लगा (Raj Ghat Location).
यह स्मारक एक काले संगमरमर का मंच है जो महात्मा गांधी की हत्या के एक दिन बाद, 31 जनवरी 1948 को उनके अंतिम संस्कार और अंत्यष्टि के स्थान के रूप में बनाया गया. इसके एक छोर पर एक शाश्वत लौ जलती रहती है (Raj Ghat Structure).
राज घाट के आसपास कई अन्य प्रसिद्ध नेताओं की समाधि भी बनाई गई है. भारत सरकार के बागवानी संचालन के अधीक्षक का पद संभालने वाले अंतिम अंग्रेज, एलिक पर्सी-लैंकेस्टर ने इन स्मारकों का भूनिर्माण किया था.
जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की समाधि राज घाट के उत्तर में है और इसे शांतिवन (Shantivan, Raj Ghat) कहा जाता है जिसका अर्थ है "शांति का बगीचा". नेहरू के स्मारक के निकट एकता स्थल है, यहां भारत के 7वें राष्ट्रपति जैल सिंह की समाधि है (Zail Singh, 7th President of India).
राज घाट क्षेत्र में एक पार्क है जो गणमान्य व्यक्तियों और राज्य के प्रमुखों द्वारा लगाए गए पेड़ों से सजा है (Raj Ghat Park).
राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक ने महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी अहिंसा सबसे प्रभावी रास्ता है. उनका मानना है कि सरकारों को जनता की आवाज सुननी चाहिए और संवाद से ही समाधान निकलता है.
Sonam Wangchuk 26 दिन के आमरण अनशन के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। उन्हें 24 जुलाई को Medanta Hospital में भर्ती कराया गया था।अब हालत में सुधार के बाद उन्होंने बताया कि लद्दाख लौटने से पहले वे Rajghat जाकर Mahatma Gandhi को श्रद्धांजलि देंगे।
जस्टिस स्वर्णकांता विवाद को लेकर अरविंद केजरीवाल ने राजघाट पर सत्याग्रह शुरू किया. मनीष सिसोदिया समेत आप नेताओं के साथ उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी और कहा कि न्यायपालिका का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण विरोध किया जा रहा है.
यमुना में आई भयानक बाढ़ ने दिल्लीवासियों का जीवन तबाह कर दिया है. दिल्ली के कई इलाके अभी भी पानी में डूबे हैं और इनमें से एक राजघाट भी है. राजघाट के पास जमे पानी को अब तक निकाला नहीं जा सका है. हालांकि उपराज्यपाल ने इसे लेकर कहा कि काम जारी है.