राधाकांत ओझा एक राजनेता और प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शामिल हैं. भाजपा ने 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है.
वे इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. कानून के साथ सामाजिक और सांगठनिक गतिविधियों में भी उनकी लंबे समय से सक्रियता रही है.
राधाकांत ओझा का जन्म 10 फरवरी 1959 को हुआ. उनके पिता का नाम स्वर्गीय रमाशंकर ओझा था. उनका निवास प्रयागराज के स्टेनली रोड स्थित न्यायाधीश कॉलोनी में है. उन्होंने 16 सितंबर 1987 को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकरण कराया था. उनका नामांकन संख्या 3675/1987 और एडवोकेट रोल संख्या ए/आर-0012/2012 है.
राधाकांत ओझा वर्ष 2013 से इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं. वह वर्ष 1987 से हाईकोर्ट में वकालत कर रहे हैं और वर्तमान में भी न्यायिक क्षेत्र में सक्रिय हैं. संवैधानिक, सिविल, आपराधिक और सेवा संबंधी मामलों में उन्होंने पैरवी की है. उनके द्वारा लड़े गए कई मामले विभिन्न विधि पत्रिकाओं में दर्ज किए गए हैं.
छात्र जीवन से ही राधाकांत ओझा सामाजिक और सांगठनिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. उनका संबंध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद से भी रहा है. वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं.
भाजपा से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है. वह पार्टी के आजीवन सदस्य हैं. उनके अनुसार समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं के कानूनी मामलों में उन्होंने पैरवी की थी.
बार एसोसिएशन के स्तर पर भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह 2015-16 और 2022-23 में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए. वर्ष 2025 के बार चुनाव में उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी की भूमिका निभाई.
सांगठनिक स्तर पर वर्ष 2016 से वह जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष रहे हैं. वर्ष 2017 से 2020 तक भाजपा काशी क्षेत्र के विधि एवं विधिक कार्य विभाग के संयोजक रहे. वह रज्जू भैया अध्ययन केंद्र, ज्वाला देवी संघ कार्यालय, प्रयागराज के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की. बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे. उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण मतदान नहीं हुआ. सपा के धनराज नथवानी ने निर्वाचित होने पर अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया.
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