प्रियंका सिंह रावत (Priyanka Singh Rawat) उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं. भाजपा ने 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है.
वह बाराबंकी लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. अक्टूबर 2026 में भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है.
प्रियंका सिंह रावत ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बाराबंकी से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार पीएल पुनिया को 2,11,878 मतों के अंतर से हराया था. उस समय उनकी उम्र 28 वर्ष थी. इसके साथ ही वह 16वीं लोकसभा में पहुंची थीं. बाराबंकी लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बाराबंकी से प्रियंका सिंह रावत की जगह उपेंद्र सिंह रावत को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद प्रियंका सिंह रावत लोकसभा में वापस नहीं पहुंचीं. हालांकि, उन्होंने भाजपा संगठन में अपनी सक्रियता जारी रखी और प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारियां संभालीं. वर्ष 2020 में उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी मिली थी.
जून 2026 में भाजपा की उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश टीम घोषित हुई. इस टीम में प्रियंका सिंह रावत को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया. इससे पहले वह प्रदेश महामंत्री के पद पर कार्य कर रही थीं.
प्रियंका सिंह रावत की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी राजनीति और मीडिया से जुड़ी रही है. उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए किया है. इसके अलावा मास कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. राजनीति में आने से पहले वह पत्रकारिता से भी जुड़ी रही हैं और समाचार चैनल में रिपोर्टिंग तथा एंकरिंग का काम कर चुकी हैं.
प्रियंका सिंह रावत पासी समुदाय से आती हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पहचान दलित और महिला नेतृत्व से जुड़े चेहरे के रूप में भी होती रही है. पार्टी की ओर से उन्हें संगठन में अलग अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं.
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की. बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे. उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण मतदान नहीं हुआ. सपा के धनराज नथवानी ने निर्वाचित होने पर अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया.
उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव के जरिए 2027 की बिसात बिछाते हुए बीजेपी ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों की जगह पर कैडर से जुड़े नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ सपा के 'पीडीए' और ब्राह्मण कार्ड को चित करने का मजबूत मास्टरस्ट्रोक खेला है.
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काट दिया है. 8 नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सोशल इंजीनियरिंग की मजबूत जमीन तैयार कर दी है.