Premanand Maharaj : आपका दिन कैसा गुजरेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी सुबह कैसे शुरू होती है. जो लोग देर से उठते हैं, उनके ज़्यादातर काम भी देर से शुरू होते हैं और दिनभर थकान बनी रहती है. वहीं सुबह जल्दी उठने की आदत न सिर्फ समय बचाती है, बल्कि शरीर और मन दोनों को तरोताजा रखती है. अक्सर देखा जाता है कि लोग बिस्तर से उठते ही योग या व्यायाम करने लगते हैं, लेकिन प्रेमानंद महाराज के अनुसार सुबह उठने के बाद एक सही क्रम का पालन करना बेहद जरूरी है.
जागने के तुरंत बाद करें यह काम
उनका कहना है कि जागने के तुरंत बाद गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए और फिर कुछ देर टहलना चाहिए. पांच से दस मिनट की हल्की वॉक के बाद पानी पीना चाहिए, उसके बाद दोबारा थोड़ी देर चलें और फिर शौच के लिए जाएं. ऐसा करने से शरीर प्राकृतिक तरीके से एक्टिव होता है.
योग या व्यायाम
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि सुबह योग या व्यायाम करने से पहले स्नान करना चाहिए. स्नान से शरीर की एकाग्रता बढ़ती है और मांसपेशियां अभ्यास के लिए तैयार होती हैं, जिससे योग और एक्सरसाइज का पूरा लाभ मिलता है. स्नान के बाद किया गया व्यायाम शरीर के लिए अधिक प्रभावी और सुरक्षित माना जाता है.
नहाने में बरतें ये सावधानी
महाराज के अनुसार योग या एक्सरसाइज के बाद स्नान नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर का बढ़ा हुआ तापमान और बनी हुई ऊर्जा अचानक बाधित हो सकती है. ऐसे में रक्त संचार पर भी असर पड़ सकता है. इसके उलट, पहले स्नान करने से मांसपेशियों को आराम और रिकवरी का समय मिलता है.
प्रेमानंद महाराज यह भी मानते हैं कि अच्छी दिनचर्या के लिए सही समय पर सोना बेहद जरूरी है. उनकी सलाह है कि रात दस बजे तक नींद आ जानी चाहिए. अगर कोई व्यक्ति रात दस बजे सोता है, तो सुबह पांच बजे उठना स्वाभाविक हो जाता है और दिन की शुरुआत संतुलित रहती है.
जानें 6-10-10-10 का नियम
सुबह की दिनचर्या को लेकर उन्होंने 6-10-10-10 का नियम भी बताया है. इसके तहत स्नान के बाद दस मिनट दंड बैठक, दस मिनट साधना और दस मिनट प्राणायाम करना चाहिए. अगर इस नियम को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है और मानसिक रूप से भी संतुलन महसूस करता है.