प्रकाश पाल (Prakash Pal) उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के संगठन से लंबे समय से जुड़े नेता हैं. भाजपा ने 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है.
उन्हें पार्टी के पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रमुख संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता है. वर्तमान में वे भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. इससे पहले वे कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
प्रकाश पाल का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ा रहा है. बताया जाता है कि वे तीन दशक से अधिक समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं. वे भाजपा में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं. इसके अलावा कई जिलों में संगठन मंत्री के रूप में भी काम किया है.
प्रकाश पाल का जन्म 10 दिसंबर 1966 को हुआ था. वे कानपुर जिले के बर्रा-दो क्षेत्र से आते हैं. उन्होंने एलएलबी तक की शिक्षा प्राप्त की है. संगठन में काम करने के दौरान उनका जुड़ाव उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पार्टी कार्यकर्ताओं से रहा है.
वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी दी थी. उन्हें प्रवासी कार्यकर्ताओं की टीम का प्रदेश संयोजक बनाया गया था. उनके नेतृत्व में करीब 150 कार्यकर्ताओं की टीम गुजरात भेजी गई थी. उन्होंने गुजरात के 16 जिलों की 64 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार और संगठन से जुड़े कार्यों में भाग लिया था. इन सीटों पर भाजपा ने चुनाव में जीत दर्ज की थी.
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की. बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे. उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण मतदान नहीं हुआ. सपा के धनराज नथवानी ने निर्वाचित होने पर अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया.
उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव के जरिए 2027 की बिसात बिछाते हुए बीजेपी ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों की जगह पर कैडर से जुड़े नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ सपा के 'पीडीए' और ब्राह्मण कार्ड को चित करने का मजबूत मास्टरस्ट्रोक खेला है.
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काट दिया है. 8 नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सोशल इंजीनियरिंग की मजबूत जमीन तैयार कर दी है.