नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओला और गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है. ये एक्शन बालेन साह के पीएम पद संभालने के एक दिन बाद लिया गया है. इन लोगों पर उच्च पदों पर रहते हुए 'जेन-जी' के विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है. आंदोलन में मौतों को लेकर ये कार्रवाई की गई है.
नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई 2025 में हुए प्रदर्शनों के दौरान युवाओं की मौत की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई. उनके साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है.
नेपाल में नई सरकार बनते ही सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री बालेन शाह की अगुवाई में कैबिनेट के फैसले के बाद जेन जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व गृहमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया. यह कदम सत्ता बदलते ही जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है.
नेपाल की कमान अब जेन जी नेताओं के हाथों में है. नेपाल सरकार के अधिकांश मंत्री 40 वर्ष से कम उम्र के हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह खुद भी 36 वर्ष के युवा नेता हैं.
नेपाल में जेन जी सरकार. बालेन शाह के ज्यादातर मंत्री 40 साल से कम उम्र के. नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां युवा नेतृत्व को प्रमुखता दी गई है. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार में ज्यादातर मंत्री 40 साल से कम उम्र के हैं. जिसे जेन जी सरकार के रूप में देखा जा रहा है. 36 वर्षीय बालेन शाह खुद युवा चेहरा हैं और लंबे समय से पारंपरिक राजनीति से निराश युवाओं की उम्मीद बनकर उभरे हैं.
नेपाल में बालेन्द्र शाह आज नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. यह शपथग्रहण समारोह चैत्र नवरात्र के श्रीरामनवमी के शुभ मुहूर्त पर आयोजित हो रहा है, जिसमें 108 हिन्दू बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन, 107 बौद्ध लामा गुरुओं द्वारा मंगल पाठ और 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद किया जाएगा.
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का शपथ ग्रहण समारोह रामनवमी के दिन हिंदू वैदिक परंपराओं के साथ आयोजित हुआ, जो नेपाल-भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करता है.
नेपाल के नए प्रधानमंत्री के तौर पर बालेन्द्र शाह शपथ लेने जा रहे हैं. और इस शपथग्रहण समारोह को विशेष बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस समारोह की टाइमिंग इसलिए भी खास है, क्योंकि शपथग्रहण के लिए रामनवमी का दिन चुना गया है. यह वही समय होगा जब अयोध्या के राममंदिर में विशेष पूजा की जा रही होगी.
पीएम मोदी ने नेपाल के राष्ट्रीय चुनाव में जीत हासिल करने वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के शीर्ष नेताओं बालेंद्र शाह और रबी लामिछाने से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी. उन्होंने नेपाल में बनने वाली नई सरकार के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत दोनों देशों की समृद्धि, प्रगति और लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है.
नेपाल में 5 मार्च को हुए आम चुनाव में पुष्पकमल दहल प्रचंड ही ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री रहे जो अपनी सीट बचा सके, वरना बालेन शाही की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की लहर में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को करारी हार का सामना करना पड़े. इसमें पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली भी शामिल हैं, जिन्हें खुद बालेन शाह ने उनके गढ़ में हराया.
नेपाल में मतगणना अंतिम चरण में है और बालेन शाह करीब 40 हजार वोटों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं. के.पी ओली ने आठ बार झापा के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 5 से चुनाव लड़ा है, लेकिन इस बार उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ सकता है.
नेपाल में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में बालेन शाह चर्चा में हैं. ‘ग्रेटर नेपाल’ नक्शे और हिंदी फिल्मों के विरोध जैसे कदमों से उनका भारत को लेकर सख्त रुख पहले भी विवादों में रहा है.
नेपाल में जेन-ज़ी विरोध प्रदर्शनों के बाद पहला देशव्यापी चुनाव हो रहा है. करीब 1.9 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं. इस चुनाव में पुराने प्रधानमंत्रियों के साथ रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह युवाओं के समर्थन से मजबूत चुनौती दे रहे हैं.
नेपाल में नई सरकार चुनने के लिए वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं. भारत ने भी इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी अहम प्रतिक्रिया दी है.
नेपाल अब 'क्रांति' के बाद नया नेतृत्व चुनने को तैयार है. यहां 5 मार्च 2026 को वोट डाले जाएंगे. इस चुनाव से युवाओं को एक बदलाव की उम्मीद है. हालांकि पिछली सरकार की अगुआई कर रहे केपी ओली भी इस चुनाव में पीएम की रेस में हैं. लेकिन दो युवाओं से उन्हें चुनौती मिल रही है.
नेपाल में 5 मार्च के चुनाव से पहले पलायन बड़ा मुद्दा बन गया है. भारत में काम कर रहे लाखों नेपाली मतदाता वोट नहीं दे पा रहे. रोजगार की कमी से पुरुषों के साथ महिलाएं और युवा भी भारत आ रहे हैं. गांव खाली हो रहे हैं और चुनावी माहौल फीका पड़ता दिख रहा है.
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अदालत में दावा किया कि यह नेपाल के जेन-Z प्रोटेस्ट से प्रेरित था. कोर्ट ने इस मामले में आरोपी यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं की जमानत नामंजूर कर दी और 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया.
नेपाल में आम चुनाव में मात्र 15 दिन का समय रह गया है, इस बीच नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि अगर युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं खोजा जाता है जो देश में एक और बगावत हो सकती है. पीएम कार्की ने कहा है कि हमने संविधान में बराबरी लिखी फिर भी अपने समाज के अंदर हम गैर-बराबरी को बचाते रहे.
नेपाल सरकार ने पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जांच कर रहे आयोग का कार्यकाल तीसरी बार 25 दिन बढ़ाकर 11 मार्च तक कर दिया है. तीन सदस्यीय इस आयोग का गठन सितंबर में अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सरकार ने किया था, जिसकी अगुवाई पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की कर रहे हैं.
नेपाल में जेन-Z की क्रांति के बाद अब 5 मार्च को मतदान होने जा रहा है. इस बार नेपाल की जनता को बदलाव की बड़ी उम्मीद है. वर्षों तक परंपरागत राजनीति और एक जैसे चेहरे को आजमा चुकी जनता अब बदलाव चाहती है. लेकिन नेपाल की राजनीति के ओल्ड गार्ड पूरी ताकत से इस चुनाव में उतर रहे हैं.
नेपाल में सुशीला कार्की ने 12 सितंबर को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. यह शपथ तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के तीन दिन बाद हुई थी, जिन्हें Gen-Z के नेतृत्व में हुए बड़े जनआंदोलन के बाद पद छोड़ना पड़ा था.