दक्षिण भारत के पारंपरिक स्नैक्स की बात करें तो मुरुक्कू (Murukku) का नाम जरूर आता है. यह एक कुरकुरा और स्वादिष्ट स्नैक है, जिसे खासतौर पर तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पसंद किया जाता है. त्योहारों और खास मौकों पर भी इसे घरों में बनाया जाता है.
मुरुक्कू की सबसे खास बात इसका आकार और कुरकुरापन है. इसे आमतौर पर चावल के आटे और उड़द दाल के आटे से तैयार किया जाता है. इसमें नमक, जीरा, तिल, हींग और जरूरत के हिसाब से दूसरे मसाले मिलाए जाते हैं. इन सभी चीजों को मिलाकर आटा गूंथा जाता है.
इसके बाद मुरुक्कू को खास सांचे की मदद से गोल या घुमावदार आकार दिया जाता है. तैयार मुरुक्कू को गर्म तेल में सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है. अच्छी तरह तैयार होने पर इसका स्वाद हल्का नमकीन, मसालेदार और बेहद क्रिस्पी होता है.
मुरुक्कू की कई अलग-अलग किस्में मिलती हैं. कुछ जगहों पर इसे चावल के आटे से ज्यादा बनाया जाता है, जबकि कहीं उड़द दाल का इस्तेमाल अधिक होता है. इसमें मसालों और दूसरी सामग्री के बदलाव से इसका स्वाद भी बदल जाता है. कुछ लोग इसे थोड़ा तीखा पसंद करते हैं, तो कुछ हल्के मसाले वाला मुरुक्कू पसंद करते हैं.
दक्षिण भारत में मुरुक्कू को चाय या कॉफी के साथ स्नैक के तौर पर खाया जाता है. इसे लंबे समय तक एयरटाइट डिब्बे में रखकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यही वजह है कि त्योहारों पर इसे बनाकर रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ बांटने की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है.
मुरुक्कू सिर्फ दक्षिण भारत तक सीमित नहीं है. अब यह देश के दूसरे हिस्सों में भी आसानी से मिल जाता है. बाजार में पैकेट वाले मुरुक्कू की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, लेकिन घर पर बना ताजा मुरुक्कू अपने स्वाद और खुशबू के लिए अलग पहचान रखता है. अगर आपको कुरकुरे और नमकीन स्नैक्स पसंद हैं, तो मुरुक्कू जरूर ट्राई किया जा सकता है.