दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के बाद शिवसेना उद्धव गुट ने मुंबई के शिवाजी पार्क में तिरंगा रैली की. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद और सभी मांगें माने जाने के बाद ये रैली हुई है. इस रैली में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, रोहित पवार और आदित्य ठाकरे भी शामिल हुए.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंबई के शिवाजी पार्क में 'तिरंगा विजय रैली' निकाली गई. उद्धव ठाकरे ने इसे युवाओं की जीत बताते हुए कहा कि 'देशभक्तों ने अंधभक्तों को हराया', वहीं राज ठाकरे ने Gen-Z की ताकत की तारीफ की.
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जोरदार निशाना साधा है. उन्होंने ‘मिसिंग लिंक’ मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता द्वारा हादसे और परियोजना पर सवाल पूछने से महाराष्ट्र का कोई अपमान नहीं होता है.
महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शोक संदेश पढ़ते वक्त मराठी शब्दों के गलत उच्चारण पर खेद जताते हुए इसके पीछे तकनीकी वजहें बताई हैं.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि सीटों को लेकर लगातार बातचीत जारी है. उन्होंने बताया कि शिंदे गुट के पास मौजूद नासिक और संभाजीनगर सीटों पर शिवसेना से विशेष चर्चा चल रही है, जबकि पुणे सीट को लेकर एनसीपी के साथ बातचीत हो रही है.
राज ठाकरे ने RSS के शताब्दी समारोह को लेकर दावा किया कि लोग भागवत के भाषण सुनने नहीं गए थे, बल्कि सत्ता के डर से कार्यक्रम में शामिल हुए थे. ठाकरे ने इस दौरान भागवत के भाषाई पहचान वाले बयान का भी जवाब दिया.
बाल ठाकरे की 100वीं जयंती पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आएंगे. दोनों भाई मुंबई के सायन में षणमुखानंद हॉल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
महाराष्ट्र में विधानसभा के बाद अब नगर महापालिका के चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी मनसे को करारी मात मिली है. राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे, उसके बाद भी बीएमसी में दहाई का अंक नहीं पार कर सके.
बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.
महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि प्रचार का आज अंतिम दिन है. अकेले बीएमसी में 227 वार्डों के लिए 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं. बीएमसी में शिवसेना (यूबीटी)-मनसे और बीजेपी-शिंदे सेना का गठबंधन आमने-सामने है, जबकि कांग्रेस गठबंधन और एनसीपी गुट अलग-अलग लड़ रहे हैं.
मुंबई में एक चुनावी रैली में राज ठाकरे ने एक बार फिर भाषा का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है.
मुंबई मंथन 2026 का आयोजन आज यानी 8 जनवरी को मुंबई में होटल आईटीसी ग्रैंड सेंट्रल में हो रहा है. मुंबई मंथन में राजनीति, व्यापार समेत फिल्मी दुनिया की तमाम हस्तियां शिरकत करने पहुंची हैं. इस कार्यक्रम में बाला नांदगांवकर और अनिल परब से खास चर्चा हुई. देखिए 'बाला साहेब के नाम पर' सेशन में बाला नांदगांवकर और अनिल परब से खास चर्चा.
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में नामांकन वापसी के आखिरी दिन विपक्षी दलों के बड़े पैमाने पर नामांकन वापस लेने से सत्ताधारी महायुति को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है. बीजेपी के 14 और शिवसेना (शिंदे गुट) के 6 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होकर चुनाव से पहले ही महायुति के 20 पार्षद तय हो गए हैं.
महाराष्ट्र में हो रहे बीएमसी सहित 29 नगर निगम चुनाव में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी दोनों में टूट पड़ गई है. इस तरह राज्य में एक नया तीसरा गठबंधन भी आकार लेता दिख रहा है.
महाराष्ट्र में ठाकरे ब्रदर्स 20 साल बाद एक साथ आए हैं. दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति भी बन चुकी है. शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत शिवतीर्थ पहुंचकर राज ठाकरे से मिले थे. इसके बाद राज ठाकरे की पार्टी के नेताओं ने भी देर शाम मातोश्री पहुंच उद्धव से मुलाकात की थी.
शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे से मिलने उनके घर 'शिवतीर्थ' पहुंचे हैं. राज ठाकरे से संजय राउत की इस मुलाकात में बीएमसी चुनाव में गठबंधन के आधिकारिक ऐलान से पहले समझौते को अंतिम रूप दिए जाने पर चर्चा हो सकती है.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी के बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे 17 साल पुराने एक मामले में फंस गए हैं. 2008 में हुई हिंसा के मामले में राज पर आरोप तय हो गए हैं, जिसे लेकर उन्हें अ कोर्ट के चक्कर लगाने होंगे.
महाराष्ट्र के 2025 नगर निकाय चुनावों में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को करारी हार का सामना करना पड़ा है. 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में MNS एक भी अध्यक्ष पद जीतने में नाकाम रही. नतीजों में BJP-नेतृत्व वाली महायुति ने जबरदस्त प्रदर्शन किया, जबकि MVA सीमित रह गई.
महाराष्ट्र के 2025 नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के लिए चिंता बढ़ा दी है. राज्य की 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में हुए चुनावों में MNS एक भी नगराध्यक्ष पद नहीं जीत सकी.
महाराष्ट्र में 2 दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है. 20 निकायों के चुनाव नामांकन विवादों पर स्थगित होने से फडणवीस नाराज हैं. विपक्ष वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बीएमसी सुधार अभियान चला रही है, जहां 11 लाख डुप्लीकेट वोटर मिले. शिवसेना (यूबीटी) ने शिंदे बीजेपी पर विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि शिंदे-फडणवीस गठबंधन में किसी अनबन से इनकार कर रहे हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में निकाय चुनाव से पहले महा विकास अघाड़ी (MVA) में दरार पड़ती दिख रही है. गठबंधन में राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस (MNS) की संभावित एंट्री को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपना लिया है, जिससे उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ गया है. महाविकास अघाड़ी में MNS साथ तो कांग्रेस को क्यों डर? देखें