मंझनपुर उत्तर प्रदेश (Manjhanpur, Uttar Pradesh) के कौशाम्बी जिले का जिला मुख्यालय और एक नगर पालिका क्षेत्र है. यह यमुना नदी के उत्तरी किनारे के आसपास स्थित है और प्रयागराज से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर है. कौशाम्बी जिला 4 अप्रैल 1997 को तत्कालीन इलाहाबाद जिले से अलग होकर अस्तित्व में आया था. वर्तमान में जिले में मंझनपुर, सिराथू और चायल तीन तहसीलें हैं, जिनमें मंझनपुर जिला मुख्यालय है.
मंझनपुर जिले के प्रशासनिक कामकाज का प्रमुख केंद्र है. यहां जिला प्रशासन, तहसील और अन्य सरकारी कार्यालय स्थित हैं. मंझनपुर तहसील के लिए उपजिलाधिकारी और तहसीलदार का कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है. नगर क्षेत्र में बाजार, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं. जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार कौशाम्बी में अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का भी नेटवर्क मौजूद है.
मंझनपुर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग प्रमुख साधन है. जिला मुख्यालय प्रयागराज, चित्रकूट, फतेहपुर और कानपुर सहित आसपास के शहरों से बस सेवाओं के माध्यम से जुड़ा है. प्रयागराज की ओर से आने वाले यात्री मूरतगंज और भरवारी होते हुए मंझनपुर पहुंच सकते हैं. कानपुर की ओर से आने पर सैनी और सिराथू के रास्ते मंझनपुर तक पहुंचा जा सकता है.
मंझनपुर का निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन भरवारी है, जो जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है. जिले के भीतर सिराथू भी एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है. रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों को इन स्टेशनों से सड़क परिवहन के माध्यम से मंझनपुर पहुंचना होता है. निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज का हवाई अड्डा है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर है.
धार्मिक दृष्टि से भी मंझनपुर में स्थानीय मंदिरों की भूमिका है. यहां दुर्गा मंदिर में श्रद्धालु पूजा और आरती के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय स्तर पर मंदिर से जुड़े धार्मिक आयोजनों और मेले का आयोजन भी किया जाता है. कौशाम्बी जिले का व्यापक क्षेत्र प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है, जबकि मंझनपुर आधुनिक प्रशासनिक केंद्र के रूप में जिले की गतिविधियों से जुड़ा हुआ है.