माघ माह में पड़ने वाली पुर्णिमा को माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) के नाम से जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस माह में पूजा पाठ और दान का बहुत महत्व होता है. माघ माह की पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ माना गया है. भारत में कई स्थानों पर माघ माह की पूर्णिमा तिथि को माघिन पूर्णिमा भी कहा जाता है. यह दिन जनवरी या फरवरी माहिने के दौरान आता है (Magh Purnima Tithi).
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवतागण पृथ्वी पर भ्रमण करने आते हैं. माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान या किसी भी पवित्र नदी में स्नान और दान करने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं. मान्यता यह भी है कि माघ माह में देवता पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य रूप धारण करके प्रयागराज में स्नान, दान और जप करते हैं. इसलिए कहा जाता है कि इस दिन प्रयागराज में गंगा स्नान करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है (Magh Purnima Rituals).
माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करना चाहिए. यदि गंगा स्नान संभव ना हो तो पानी में गंगा जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देकर उनकी उपासना करना चाहिए. जल में काला तिल डालकर उसका तर्पण भी करना चाहिए. उसके बाद पूजा के भोग में चरणामृत, पान, तिल, मौली, रोली, फल, फूल, कुमकुम, पंचगव्य, सुपारी, दुर्वा आदि चीजें अर्पित करनी चाहिए. पूर्णिमा पर धन की देवी मां लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए (Magh Purnima Puja).
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान और कथा पाठ से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा सबसे फलदायी पूर्णिमा मानी जाती है. यहां पढ़ें माघ पूर्णिमा की पौराणिक कथा और इसका धार्मिक महत्व.
Magh Purnima 2026: आज माघ पूर्णिमा 2026 मनाई जा रही है. इस पावन तिथि पर स्नान, दान और पूजन का विशेष महत्व है. जानें माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, उपाय और संगम स्नान की धार्मिक मान्यताएं.
Magh Purnima 2026: 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर स्नान के दो शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. पहला ब्रह्म मुहूर्त होगा जो सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. इसके बाद सुबह 7 बजकर 9 मिनट से सुबह 11 बजकर 58 मिनट तक रवि पुष्य योग में स्नान किया जाएगा.
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा की तिथि इस बार 1 फरवरी की सुबह 5 बजकर 52 मिनट से लेकर 2 फरवरी की सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. तो ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि माघ पूर्णिमा 1 फरवरी मनाई जाएगी तो कुछ लोग 2 फरवरी को पूर्णिमा का व्रत रखेंगे. आइए जानते हैं इस पर्व की सही तिथि.
1 या 2 फरवरी, कब है माघ पूर्णिमा? जानें स्नान-दान की सही तिथि और शुभ मुहूर्त. माघ पूर्णिमा 2026 को लेकर लोगों में तिथि को लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है. हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है. इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना गया है
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा को हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व है. इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है. लेकिन शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर कुछ गलतियां करने से पुण्य नष्ट हो सकता है. आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में.
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा का महत्व होता है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों पर श्रीहरि की कृपा से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ेगी.
माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म की अत्यंत पावन तिथि मानी जाती है. इस दिन रात्रिकाल में किया गया दान विशेष फलदायी होता है. शास्त्रों के अनुसार, यह दान सीधे ईश्वर तक पहुंचता है और कई गुना अधिक पुण्य देता है.
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 पर चंद्र दर्शन, गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है. 1 फरवरी को बन रहे शुभ योगों में पूजा करने से पुण्य, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के संकेत भी बन रहे हैं.
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर किया गया दान पुण्य प्रदान करने के साथ-साथ नवग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करने में भी सहायक माना जाता है.
Magh Purmima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 पर स्नान-दान की तिथि व डेट को लेकर असमंजस बना हुआ है. तो जानिए कि माघ पूर्णिमा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, दुर्लभ योग क्या रहने वाली है.
Magh Purnima 2026 Rashifal: माघ पूर्णिमा 2026 इस बार 1 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसमें कई शुभ योग बनेंगे जैसे प्रीति योग, आयुष्मान योग, पुष्य नक्षत्र, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, ये सभी योग कई राशियों को विशेष लाभ प्रदान करेंगे. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
माघ पूर्णिमा का स्नान 1 फरवरी दिन रविवार को होगा. इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त और रवि पुष्य योग में पवित्र स्नान करना सबसे उत्तम होगा. स्नान के बाद आप पूजा-पाठ और दान-धर्म के कार्य कर सकते हैं.
इस वर्ष माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है. इस दिन स्नान-दान से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है. खास बात यह है कि इस बार माघ पूर्णिमा पर चार दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहे हैं, जो इस तिथि को अत्यंत फलदायी बना रहे हैं.
Magh Purnima 2026 Rashifal: ज्योतिषियों के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर इस बार कई राशियों को विशेष सावधान रहने की सलाह दी जा रही है. इस दिन भावनात्मक अस्थिरता, आर्थिक और करियर से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं.
Magh Purnima 2026 Rashifal: माघ पूर्णिमा 2026 सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि इस त्योहार पर ग्रहों की शुभ चाल से ऐसा संयोग हन रहा है. जो कुछ राशियों के लिए तरक्की, प्रेम और धन लाभ के नए रास्ते खोल सकता है.
माघ पूर्णिमा पर माघ माह का अंतिम स्नान होता है. इस दिन स्नान, दान और जाप का विशेष महत्व बताया गया है. इस बार माघ पूर्णिमा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति है. कोई 1 फरवरी तो कोई 2 फरवरी को माघ पूर्णिमा बता रहा है.
प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर में डीएम मनीष कुमार वर्मा के रोटी बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से ज्यादा जरूरी मेले की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना है. यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
माघ पूर्णिमा स्नान के बाद अब केवल महाशिवरात्रि का स्नान शेष रह गया है. ऐसा लग रहा था कि माघ पूर्णिमा के स्नान के बाद भीड़ कम हो जाएगी. लेकिन संगम किनारे से आ रहीं तस्वीरें एक दम उलट हैं. ऐसे में भीड़ को लेकर कही जा रही बात वीकेंड वाली बात गलत लग रही है. देखें वीडियो.
महाकुंभ के अवसर पर माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज में आज लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया. प्रयागराज संगम और अन्य घाटों पर लोगों की बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह से ही व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे. शहर को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है और वीआईपी पास को रद्द कर दिया गया है.
प्रयागराज में माघ पूर्णिमा के अवसर पर करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई. इस दौरान शासन-प्रशासन हर मोर्चे पर चौकस रहा. योगी आदित्यनाथ ने सुबह 4 बजे से ही व्यवस्थाओं पर नजर रखी थी. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण ट्रेनों और बसों में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. देखें.