Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा को बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष तिथि माना जाता है. साल 2026 की दूसरी पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा कल है. इस पावन तिथि को माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, जिसका धार्मिक महत्व बहुत ही ज्यादा है. परंपरानुसार, पूर्णिमा के दिन श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसलिए मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 1 फरवरी यानी कल माघ पूर्णिमा है, जो बहुत ही सर्वोपरि पूर्णिमा कहलाती है. ज्योतिषियों के अनुसार, पूर्णिमा की तिथि तब लगती है जब चंद्रमा अपनी परिक्रमा के दौरान पृथ्वी के ठीक विपरीत दिशा में सूर्य के सामने आ जाता है, जिससे उसका पूरा भाग प्रकाशित दिखाई देता है. ज्योतिषियों के अनुसार, 12 राशियों में से कुछ राशियां ऐसी हैं जिनपर भगवान विष्णु की विशेष कृपा रहने वाली है. तो आइए जानते हैं कि श्रीहरि की प्रिय राशियां कौन सी हैं, जिनके माघ पूर्णिमा से अच्छे दिन शुरू होंगे.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लोगों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है. इन्हें जीवन में धन से जुड़े अच्छे अवसर मिलते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, उनमें अब धीरे-धीरे सफलता मिलने लगेगी. नौकरी या व्यवसाय में आगे बढ़ने के संकेत हैं. धार्मिक कार्यों से जुड़ने पर भाग्य और भी मजबूत होता है.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए भगवान विष्णु का आशीर्वाद सुख और समृद्धि लेकर आएगा. फंसा हुआ धन वापस मिलने की संभावना है. आय के नए रास्ते खुल सकते हैं, जिससे आर्थिक राहत मिलेगी. नौकरी करने वालों को पदोन्नति या स्थान परिवर्तन का लाभ मिल सकता है. दांपत्य जीवन में मिठास बढ़ेगी और घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला है. भगवान विष्णु की कृपा से रुके हुए काम फिर से गति पकड़ेंगे. करियर और व्यापार दोनों में आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं. पुराने निवेश से लाभ होने की उम्मीद है. परिवार और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. किसी धार्मिक या आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होना शुभ रहेगा.
तुला राशि
तुला राशि के जातकों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहेगी. आने वाला समय इनके लिए सौभाग्य लेकर आएगा. लंबे समय से चली आ रही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं. आर्थिक स्थिति स्थिर और मजबूत होगी. आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक संतुलन बना रहेगा. जीवन में स्थिरता और संतोष का अनुभव होगा.