चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह (Laxmi Narayan Chaudhary), जिन्हें लक्ष्मी नारायण चौधरी के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं. वह मथुरा जिले की छाता विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं और चार बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार में उन्हें दुग्ध विकास, पशुधन और मत्स्य विभाग की जिम्मेदारी मिल चुकी है.
लक्ष्मी नारायण चौधरी का जन्म 22 जुलाई 1951 को मथुरा के संचुली में हुआ था. उनकी राजनीतिक पहचान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट बहुल इलाकों से जुड़ी रही है. राजनीति में आने से पहले और बाद में उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई.
चौधरी वर्ष 2006 में बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए थे. बसपा शासन के दौरान उन्हें सरकार में मंत्री पद मिला था. वह कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उस समय उनकी पहचान बसपा के प्रमुख जाट नेताओं में की जाती थी. जाट बहुल क्षेत्रों में होने वाले आंदोलनों और राजनीतिक गतिविधियों के दौरान भी उनका नाम सामने आता रहा.
वर्ष 2015 में लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. इसके बाद उन्होंने भाजपा में अपनी राजनीतिक गतिविधियां शुरू कीं. वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने मथुरा की छाता विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया. उनके पास विकास, पशुधन और मत्स्य विभाग की जिम्मेदारी रही. बाद में उन्हें दुग्ध विकास विभाग से भी जोड़ा गया. मंत्री के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए गुजरात मॉडल जैसी व्यवस्था लागू करने की बात कही थी.
लक्ष्मी नारायण चौधरी को भारतीय जनता पार्टी ने कौशांबी जिले का प्रभारी भी बनाया था. उनकी राजनीतिक गतिविधियां मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पार्टी संगठन से जुड़ी रही हैं. चार बार विधायक रह चुके लक्ष्मी नारायण चौधरी का राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी से शुरू होकर भारतीय जनता पार्टी तक पहुंचा है.