लक्ष्मण संगप्पा सावडी (Laxman Sawadi) 12 मई 2023 से कर्नाटक विधानसभा के सदस्य (MLA) के रूप में कार्य कर रहे हैं. उनका जन्म 16 फरवरी 1960 को कर्नाटक के बेलगावी (पूर्व में बेलगाम) जिले के अथानी क्षेत्र में हुआ था.
लक्ष्मण सावडी का परिवार कृषि से जुड़ा रहा है. उनके पिता का नाम संगप्पा सावडी गणिगा लिंगायत समुदाय से संबंध रखते हैं. अपनी शुरुआती शिक्षा अथानी में पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 1978 में एसएसएमएस कॉलेज, अथानी से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स पूरा किया.
राजनीतिक जीवन में लक्ष्मण सावडी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ लंबे समय तक काम किया. वर्ष 2004 में उन्होंने पहली बार अथानी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर कर्नाटक विधानसभा में प्रवेश किया. इसके बाद 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. इन तीनों चुनावों में वे भाजपा के उम्मीदवार रहे.
कर्नाटक सरकार में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. वे दूसरी बी. एस. येदियुरप्पा सरकार और डी. वी. सदानंद गौड़ा सरकार में सहकारिता मंत्री रहे. इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद में सदन के उपनेता की जिम्मेदारी भी निभाई.
20 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. इसी दौरान वे कर्नाटक के 8वें उपमुख्यमंत्री भी बने और 20 अगस्त 2019 से 28 जुलाई 2021 तक इस पद पर रहे. 17 फरवरी 2020 को वे कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) के लिए चुने गए, जहां उन्हें 120 में से 113 मत प्राप्त हुए.
वर्ष 2012 में कर्नाटक वीडियो क्लिप विवाद के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए.
गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार थमने से पहले नेताओं की बगावत से लेकर लिंगायत समुदाय तक, सवालों के जवाब दिए. अमित शाह ने विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा और लिंगायत समुदाय को अपमानित करने का आरोप लगाया.