लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Toubro) यानी एलएंडटी भारत की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है. कंपनी का कारोबार इंजीनियरिंग, निर्माण, औद्योगिक तकनीक, विनिर्माण, ऊर्जा, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है. इसके कारोबार में बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर रक्षा उपकरणों और अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़ा काम शामिल है.
साल 2024 में एलएंडटी ने हल्के टैंक, मिसाइल प्रणालियों और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कामों में अपनी भागीदारी जारी रखी. मार्च 2025 में कंपनी को कतर एनर्जी एलएनजी से अपतटीय गैस उत्पादन परियोजना के लिए करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर मिला. एस. एन. सुब्रह्मण्यन 1 अक्टूबर 2023 से कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं. उनसे पहले ए. एम. नाइक इस पद पर थे.
एलएंडटी की स्थापना वर्ष 1938 में दो डेनिश इंजीनियरों हेनिंग होल्क-लार्सन और सोरेन क्रिस्टियन टुब्रो ने की थी. उस समय दोनों भारत में डेनमार्क की एक कंपनी के उपकरणों से जुड़े काम के सिलसिले में आए थे. शुरुआत में कंपनी का कारोबार मशीनों और औद्योगिक उपकरणों से संबंधित था. साल 1946 में इसे औपचारिक रूप से निजी कंपनी के रूप में शामिल किया गया. बाद में कंपनी ने निर्माण और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाया.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आयात और व्यापार में आई बाधाओं के कारण कंपनी ने जहाजों की मरम्मत, उपकरणों के निर्माण और औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना जैसे काम शुरू किए. वर्ष 1947 में कंपनी ने कैटरपिलर के साथ अर्थमूविंग उपकरणों के विपणन के लिए समझौता किया. वर्ष 1950 में एलएंडटी सार्वजनिक कंपनी बन गई. इसके बाद कंपनी ने भारत के अलग-अलग शहरों में अपने कार्यालय स्थापित किए.
साल 1965 में कंपनी को परमाणु रिएक्टरों के निर्माण से जुड़े काम के लिए चुना गया. वर्ष 1970 के दशक में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के साथ भी इसका काम शुरू हुआ. बाद के वर्षों में कंपनी ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ मिलकर रक्षा प्रणालियों के डिजाइन और विकास से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया. इसके कारोबार में वित्तीय सेवाएं और सूचना प्रौद्योगिकी भी शामिल हुईं.
साल 1994 में एलएंडटी और जापान की चियोडा कॉरपोरेशन ने संयुक्त उद्यम बनाया था. वर्ष 2022 में एलएंडटी ने इस उद्यम में चियोडा की हिस्सेदारी खरीद ली. वर्ष 2019 में कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी माइंडट्री में नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल की.
लार्सन एंड टुब्रो और बीएई सिस्टम्स ने सूरत में 18 बीवीएस10 सिंधु ऑल-टेरेन वाहनों का उत्पादन शुरू किया. ये लद्दाख की ठंड और कच्छ की गर्मी सहते हैं. बॉर्डर वाले इलाकों में सेना की तैयारियां मजबूत होंगी.