शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Khaled bin Mohamed Al Nahyan) संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हैं. वह यूएई के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के सबसे बड़े बेटे हैं. 29 मार्च 2023 को उन्हें अबू धाबी का क्राउन प्रिंस नियुक्त किया गया. इसके साथ ही उन्हें अबू धाबी एग्जीक्यूटिव काउंसिल का चेयरमैन भी बनाया गया.
12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 India) में शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शामिल हुए.
उनका जन्म 8 जनवरी 1982 को हुआ था. शेख खालिद अबू धाबी के शासक परिवार अल नाहयान से आते हैं. उनकी मां शेखा सलामा बिन्त हमदान अल नाहयान हैं. उनके छोटे भाई शेख थियाब बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी यूएई में कई अहम जिम्मेदारियां संभालते हैं.
शेख खालिद ने अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने 2004 में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में बैचलर डिग्री हासिल की. इसके बाद 2007 में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के वॉल्श स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस से मास्टर डिग्री पूरी की.
शेख खालिद ने सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए अपने करियर की शुरुआत की. 15 फरवरी 2016 को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख नियुक्त किया गया. इसके बाद जनवरी 2017 में उन्हें डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की जिम्मेदारी दी गई.
बाद में वह अबू धाबी एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और अबू धाबी एग्जीक्यूटिव ऑफिस के चेयरमैन भी रहे. इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने प्रशासन, आर्थिक विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में भूमिका निभाई.
मार्च 2023 में उन्हें क्राउन प्रिंस बनाए जाने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गईं. अबू धाबी की सरकार और प्रशासन से जुड़े कई बड़े फैसलों में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
शेख खालिद की भूमिका सिर्फ राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों तक सीमित नहीं है. वह अबू धाबी की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, निवेश और तकनीक से जुड़े कई प्रमुख संस्थानों के बोर्ड में भी शामिल हैं.
वह अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के बोर्ड में सदस्य रहे हैं. इसके अलावा अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और सुप्रीम काउंसिल फॉर फाइनेंशियल एंड इकोनॉमिक अफेयर्स से भी जुड़े हैं. वह यूएई जीनोमिक्स काउंसिल और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी रिसर्च काउंसिल जैसी संस्थाओं की अध्यक्षता भी कर चुके हैं.
इन जिम्मेदारियों से पता चलता है कि अबू धाबी की सरकारी व्यवस्था में खालिद की भूमिका सुरक्षा और प्रशासन के साथ-साथ निवेश, तकनीक और आर्थिक विकास तक फैली हुई है.
शेख खालिद की शादी शेखा फातिमा बिन्त सुरूर अल नाहयान से हुई है. दंपती के दो बेटे और दो बेटियां हैं. उनके निजी जीवन के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत सीमित जानकारी उपलब्ध है.
शेख खालिद का नाम पेंडोरा पेपर्स से जुड़े खुलासों में भी सामने आया था. इन दस्तावेजों में ऑफशोर कंपनियों और निवेश से संबंधित जानकारी शामिल थी. इस मामले में उनका नाम एक ऑफशोर कंपनी से जुड़ी हिस्सेदारी के संदर्भ में सामने आया था.
आज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान अबू धाबी के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे में एक प्रमुख चेहरा हैं. क्राउन प्रिंस के रूप में उनकी भूमिका यूएई की भावी नेतृत्व व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है.