कनिष्क नारायण (Kanishka Narayan) ब्रिटेन के लेबर पार्टी के नेता और सांसद हैं. 20 जुलाई 2026 को उन्हें ब्रिटेन का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री बनाया गया. यह पद नवगठित व्यवसाय, नवाचार, विज्ञान और व्यापार विभाग के अंतर्गत आता है, जहां वह मंत्रिमंडल की बैठकों में भी भाग लेते हैं.
उनका जन्म नवंबर 1989 में भारत के बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर में हुआ था. जब वह 12 वर्ष के थे, तब उनका परिवार ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ शहर में जाकर बस गया. शुरुआती जीवन उन्होंने कार्डिफ में बिताया और वहीं से अपनी स्कूली शिक्षा की शुरुआत की.
बाद में उन्हें छात्रवृत्ति के माध्यम से इंग्लैंड के प्रतिष्ठित ईटन कॉलेज में पढ़ने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बैलियोल कॉलेज से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र (PPE) की पढ़ाई की. आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री प्राप्त की.
कनिष्क नारायण ने 18 वर्ष की उम्र में लेबर पार्टी की सदस्यता ली. राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने ब्रिटेन की सिविल सेवा में काम किया. इस दौरान उन्होंने कैबिनेट ऑफिस और पर्यावरण विभाग में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा उन्होंने निजी क्षेत्र में कंपनियों को वित्तीय सलाह देने का कार्य भी किया. सामाजिक कार्यों के तहत वह सिटिजन्स एडवाइस और द ट्रसेल ट्रस्ट जैसी संस्थाओं के साथ स्वयंसेवक के रूप में भी जुड़े रहे.
साल 2023 में वह वेल ऑफ ग्लैमरगन संसदीय क्षेत्र से लेबर पार्टी के उम्मीदवार चुने जाने के बाद बैरी शहर में रहने लगे. जुलाई 2024 के ब्रिटेन के आम चुनाव में उन्होंने वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से जीत दर्ज की और सांसद बने. इसके साथ ही वह वेल्स से चुने जाने वाले पहले जातीय अल्पसंख्यक सांसद बने.
चुनाव के बाद उन्हें पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के विभाग में संसदीय निजी सचिव की जिम्मेदारी दी गई. सितंबर 2025 में उन्हें विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन सुरक्षा के संसदीय अवर सचिव के रूप में नियुक्त किया गया.