केरल हाई कोर्ट
केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) भारतीय राज्य केरल और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का उच्च न्यायालय है. यह कोच्चि में स्थित है. उच्च न्यायालय को दीवानी के साथ-साथ आपराधिक मामलों में मूल, अपीलीय और पुनरीक्षण क्षेत्राधिकार की शक्ति प्राप्त है (Kerala High Court Jurisdiction).
न्यायालय के पास अपीलीय के अलावा मूल क्षेत्राधिकार है. इस न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों की अपील केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में की जा सकती है. केरल हाई कोर्ट में 47 न्यायाधीशों की क्षमता है, जिनमें 35 स्थायी और 12 अतिरिक्त जज होते हैं (Kerala High Court Sanctioned Strength). एस मणिकुमार 11 अक्टूबर, 2019 से इसके मुख्य न्यायाधीश हैं (Kerala High Court Current Chief Justice).
केरल हाई कोर्ट की नई इमारत की आधारशिला 14 मार्च 1994 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.एन. वेंकटचलैया ने रखी थी. निर्माण की अनुमानित लागत 10 करोड़ रुपये थी. निर्माण 2005 में 85 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया था. केरल उच्च न्यायालय के नए भवन का उद्घाटन 11 फरवरी 2006 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वाई के सभरवाल ने किया था. यह इमारत 5 एकड़ भूमि पर बनाई गई है. इस इमारत में एक डाकघर, बैंक, चिकित्सा क्लिनिक, पुस्तकालय, कैंटीन और ऐसी ही अन्य आवश्यक सुविधाएं और सेवाएं हैं (Kerala High Court Premises).
कोर्ट में स्टे और सुबह तक कन्फ्यूजन के बावजूद ‘द केरला स्टोरी 2’ ने पहले दिन सॉलिड ओपनिंग ली है. आधे दिन शोज बंद रहने के बाद भी टिकट सेल्स ने सरप्राइज दिया. इस फिल्म की ओपनिंग कई हालिया फिल्मों से बेहतर रही और अब ये आगे एक सॉलिड टोटल खड़ा करने की तरफ बढ़ रही है.
विवादों और कोर्ट ड्रामे के बाद रिलीज हुई ‘द केरला स्टोरी 2’ को केरल में ही दर्शक नहीं मिल रहे. शुक्रवार को त्रिशूर और कोच्चि जैसे शहरों में शोज कैंसिल करने पड़ गए. शनिवार के लिए भी फिल्म की बुकिंग बहुत कमजोर है और शोज कैंसिल होने के आसार हैं.
द केरल स्टोरी टू को हाई कोर्ट से मिली राहत, प्रोड्यूसर ने तोड़ी चुप्पी. फिल्म ‘द केरल स्टोरी टू’ को लेकर जारी विवाद पर विराम लग गया है. केरल हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने फिल्म की रिलीज पर लगा 15 दिन का अंतरिम स्टे हटा दिया
Kerala High Court की Division Bench ने ‘The Kerala Story 2’ पर लगा 15 दिन का interim stay हटा दिया. Single judge के आदेश को पलटते हुए फिल्म की release का रास्ता साफ। CBFC certification और communal harmony पर उठे सवालों के बीच makers को राहत.
केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ ने फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond की रिलीज पर सिंगल जज के 15 दिन के स्टे आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है. फिल्म के निर्माताओं ने हाई कोर्ट से रिलीज पर रोक लगाने वाले आदेश को रोकने की मांग की. मेकर्स ने कहा कि पायरेसी को रोकना असंभव होगा.
आजतक को जानकारी मिली है कि फिल्ममेकर्स अब केरल हाई कोर्ट की बड़ी बेंच के सामने सिंगल जज के इस आदेश के खिलाफ अपील करने वाले हैं. अपील आज ही दाखिल की जा सकती है और प्रोड्यूसर्स ने विस्तृत आदेश जल्द जारी करने की मांग की है ताकि वे बिना देरी के इसे चुनौती दे सकें.
Kerala High Court ने ‘The Kerala Story 2’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई. CBFC सर्टिफिकेट पर सवाल, प्रोड्यूसर्स बड़ी बेंच में अपील की तैयारी में. जानें पूरा controversy update.
'द केरला स्टोरी 2' पर पंगे छिड़े हुए हैं. इस फिल्म ने पॉलिटिक्स, सोशल मीडिया और मीडिया बहसों का माहौल तो गर्माया ही है, इसपर कोर्ट में केस भी हो चुका है. मगर इन सारे पंगों का फायदा ये है कि फिल्म चर्चा में खूब है. ये माहौल फिल्म को बॉक्स ऑफिस हिट भी बना सकता है.
केरल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय को सरकारी कर्मचारियों को संदेश भेजने से रोक दिया है और निजता उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए स्पष्टीकरण मांगा है. याचिका में आरोप है कि CMO ने अवैध तरीके से कर्मचारियों की निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हासिल कर बड़े पैमाने पर संदेश भेजे.
'द केरल स्टोरी 2' फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के बाद केरल राज्य में बवाल शुरू हो गया है. हाई कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका दायर की गई है, जिसमें ये साफ लिखा गया है कि केरल की छवि को फिल्म में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.
अदालत ने कहा कि कानून का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है, इसलिए नियम और कानून ऐसे नहीं होने चाहिए जो अलग-अलग धर्म, जाति या समुदायों के बीच विवाद या असंतोष पैदा करें.
अदालत ने कहा, यह धारणा कि ‘डॉक्टर’ टाइटल केवल मेडिकल प्रोफेशनल्स का विशेषाधिकार है, एक गलतफहमी है. आज भी पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं रखने वाले शख्स ‘डॉक्टर’ शब्द का उपयोग करने का हकदार है.
सबरीमला सोने के गायब होने के प्रकरण में यह पहली रिहाई मानी जा रही है. इससे पहले, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी द्वारपालक मूर्ति से जुड़े मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है. मुरली बाबू, द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की प्लेटों से सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी, जबकि श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार-फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं.
केरल में एक 16 साल की किशोरी के साथ हैवानियत और उसकी बेरहमी से हत्या की वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. रेलवे ट्रैक के पास मिले छात्रा के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा का हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि उसका सहपाठी और बॉयफ्रेंड ही है.
केरल में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां कूवापल्ली इलाके में 29 साल के एक युवक ने एक महिला की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस को शक है कि इस खौफनाक कदम के पीछे निजी विवाद और पैसों का लेनदेन बड़ी वजह हो सकता है.
सबरीमाला सोना चोरी केस में गिरफ्तार मुख्य पुजारी कंदारारू राजीव की तबीयत बिगड़ गई है. बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस बीच उनकी गिरफ्तारी को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष कानून की बराबरी की बात कर रहे हैं.
सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच तेज हो गई है. मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी के बाद अब एक तांत्रिक को भी SIT ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने अनुष्ठानिक नियमों का उल्लंघन करते हुए सोने की प्लेटें मंदिर परिसर से बाहर ले जाने की चुपचाप अनुमति दी. इसी बीच ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है.
सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच की आंच अब मंदिर प्रशासन के शीर्ष तक पहुंच गई है. SIT ने भगवान अयप्पा मंदिर के मुख्य पुजारी कंदारारू राजीव को गिरफ्तार कर लिया है. केरल DGP रावदा चंद्रशेखर ने साफ किया है कि जांच हाई कोर्ट की निगरानी में हो रही है और सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला अय्यप्पा स्वामी मंदिर में सोने की प्लेटों की चोरी और हेराफेरी मामले में देवस्वोम बोर्ड के पूर्व सदस्य के.पी. शंकर दास के खिलाफ की गईं केरल हाई कोर्ट की टिप्पणियों को हटाने से इनकार कर दिया.
एबीवीपी कार्यकर्ता विशाल हत्याकांड में केरल के एक कोर्ट ने सभी 19 आरोपियों को बरी कर दिया है. आरोपी प्रतिबंधित पीएफआई के छात्र संगठन कैंपस फ्रंट के सदस्य थे. 19 वर्षीय विशाल की चेंगन्नूर क्रिश्चियन कॉलेज के सामने चाकू मारकर हत्या की गई थी.
केरल हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद ट्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए स्पॉट बुकिंग की संख्या 5000 तक सीमित कर दी है. बोर्ड ने पम्पा, एरुमेली और चेंगन्नूर में स्पॉट बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है.