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सबरीमला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में पूर्व टीडीबी अधिकारी को मिली जमानत

सबरीमला सोने के गायब होने के प्रकरण में यह पहली रिहाई मानी जा रही है. इससे पहले, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी द्वारपालक मूर्ति से जुड़े मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है. मुरली बाबू, द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की प्लेटों से सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी, जबकि श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार-फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं.

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सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया. (Photo- Representational)
सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया. (Photo- Representational)

सबरीमला मंदिर से कथित रूप से सोना गायब होने के मामले में बड़ी कानूनी प्रगति सामने आई है. कोल्लम स्थित विजिलेंस अदालत ने शुक्रवार को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरली बाबू को दो अलग-अलग मामलों में वैधानिक जमानत दे दी.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विजिलेंस कोर्ट के न्यायाधीश मोहित सी. एस. ने यह राहत इस आधार पर दी कि मुरली बाबू की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन विशेष जांच दल (SIT) तय समयसीमा के भीतर दोनों मामलों में आरोप पत्र दाखिल करने में असफल रहा.

मुरली बाबू, द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की प्लेटों से सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी, जबकि श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार-फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं. वह फिलहाल तिरुवनंतपुरम की विशेष उप-जेल में बंद थे और अदालत के आदेश के बाद शुक्रवार शाम तक उनकी रिहाई होने की संभावना है.

सबरीमला सोना गुमशुदगी प्रकरण में यह पहली रिहाई मानी जा रही है. इससे पहले, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी द्वारपालक मूर्ति से जुड़े मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है.

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जांच एजेंसियों के अनुसार, मुरली बाबू को अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि मुख्य आरोपी द्वारा द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल के द्वार-फ्रेम पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग का प्रस्ताव दिए जाने के बाद, मुरली बाबू ने उस प्रस्ताव को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को अग्रेषित किया था. इसी आधार पर उनके खिलाफ षड्यंत्र के आरोप लगाए गए.

गिरफ्तारी के समय मुरली बाबू हरिपाद में डिप्टी देवस्वोम कमिश्नर के पद पर तैनात थे. मामले के उजागर होने के बाद उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था.

विशेष जांच दल ने अब तक द्वारपालक मूर्ति मामले में 16 और श्रीकोविल द्वार-फ्रेम मामले में 13 आरोपियों को नामजद किया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप पत्र दाखिल करने में और देरी होती है, तो अन्य आरोपी भी वैधानिक जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में जांच की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा है कि मामले में गहन और विस्तृत जांच जारी है.

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