फरवरी के महीने में आईं 'ओ रोमियो', 'तू या मैं' और 'अस्सी' जैसी बॉलीवुड फिल्में थिएटर्स में कुछ खास माहौल नहीं जमा सकी हैं. अपनी जगह ये फिल्में ठीक-ठाक दर्शक तो जुटा रही हैं, लेकिन थिएटर्स में तगड़ी भीड़ जुटाने में इन्हें खास कामयाबी नहीं मिली. फरवरी खत्म होने को है, लेकिन उम्मीद है कि जाते-जाते ये महीना थिएटर्स को तगड़ी भीड़ दिखाने वाली फिल्म देकर जा सकता है. और ये फिल्म है- 'द केरला स्टोरी 2'.
'प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप' साथ लेकर आई फिल्म 'द केरला स्टोरी' (2023) का ये सीक्वल टीजर आने के साथ ही विवादों में आ गया था. 'द केरला स्टोरी 2' के विवाद अब कोर्ट से लेकर पॉलिटिक्स तक, और मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक छाए हुए हैं. पहली फिल्म की तरह सीक्वल को भी प्रोपेगेंडा कहा जाने लगा है. लेकिन सारे पंगों के बावजूद 'द केरला स्टोरी' ने जैसा बिजनेस किया था, उसे देखते हुए 'द केरला स्टोरी 2' को भी कम नहीं आंका जा सकता.
क्यों पंगों में है 'द केरला स्टोरी 2'?
पहली फिल्म की तरह 'द केरला स्टोरी 2' भी लड़कियों को धर्म बदलने पर मजबूर करने के दावे को आगे बढ़ाती है. फिल्म का ट्रेलर इस दावे के साथ शुरू होता है कि 'अगले 25 सालों में भारत एक इस्लामिक स्टेट होगा और पूरे भारत में शरिया कानून लागू होगा.' आगे ट्रेलर भारत के तीन अलग-अलग राज्यों से तीन महिलाओं की कहानी दिखाता है, जो जबरन धर्म बदलवाने की साजिश का शिकार हुईं. ट्रेलर में एक सीन है, जिसमें एक लड़की को उसके ससुराल वाले जबरदस्ती बीफ खिला रहे हैं. इस सीन के लिए फिल्म की तगड़ी आलोचना की जा रही है.
केरल के मुख्यमंत्री ने फिल्म की आलोचना की है. केरल के सांसद शशि थरूर और फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी 'द केरला स्टोरी 2' की तगड़ी आलोचना की है. आलोचना के मुख्य बिंदु ये हैं कि फिल्म केरल को विशेष तौर पर ऐसे मामलों के लिए टारगेट कर रही है और ये सामुदायिक हिंसा को बढ़ावा देने वाला एजेंडा है. जबकि फिल्म के डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह और प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह का कहना है कि उन्होंने देशभर में ऐसे कई मामले देखे हैं और केरल के मुख्यमंत्री 'सच नहीं स्वीकार कर रहे.'
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'द केरला स्टोरी 2' के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर 33 महिलाओं को लेकर आए, जो जबरन धर्म बदलने की साजिश का शिकार हुईं. उनकी कहानियां इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने रखी गईं. हालांकि इन 33 महिलाओं में से कोई भी केरल या साउथ के दूसरे राज्यों से नहीं थीं.
'द केरला स्टोरी 2' पर कोर्ट केस क्यों?
केरल हाई कोर्ट में 'द केरला स्टोरी 2' का सेंसर सर्टिफिकेट कैंसल करने की मांग के साथ एक याचिका दायर की गई है. याचिका में फिल्म पर केरल राज्य के 'दुर्भावनापूर्ण' चित्रण का आरोप लगाया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि 'द केरला स्टोरी 2' के राइटर या डायरेक्टर अपने निजी डर को फिल्म में दिखाने का अधिकार रखते हैं, लेकिन वे एक पूरे राज्य को गलत तरीके से इस डर का कारण नहीं बता सकते. इस मामले की सुनवाई में कोर्ट ने फिल्म देखकर फैसला देने की बात कही है और मेकर्स को स्क्रीनिंग अरेंज करने को कहा है.
क्यों थिएटर्स में भीड़ जुटा सकती है फिल्म?
तीन साल पहले जब 'द केरला स्टोरी' रिलीज हुई थी, तब भी बहुत विवाद हुए थे और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. कोर्ट ने मेकर्स के कई दावों को निराधार पाया था और इन्हें फिल्म से हटाने को कहा था. हालांकि कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी.
इतने विवादों के बाद रिलीज हुई 'द केरला स्टोरी' को रिव्यूज तो बहुत नेगेटिव मिले थे, लेकिन फिल्म में जनता की दिलचस्पी बहुत तगड़ी नजर आई थी. जनता का ये इंटरेस्ट बॉक्स ऑफिस पर भी दिखा. 240 करोड़ से ज्यादा नेट कलेक्शन के साथ 'द केरला स्टोरी' साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट साबित हुई थी.
पिछले 10 सालों में सीक्वल फिल्मों को बहुत तगड़ी कामयाबी मिली है. ऐसे में 'द केरला स्टोरी 2' भी भीड़ जुटाकर बॉक्स ऑफिस पर तगड़ा सरप्राइज दे सकती है. जनवरी में भी बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड की किसी फिल्म ने खास कमाल नहीं किया था. लेकिन महीने के लगभग अंत में, गणतंत्र दिवस रिलीज बनकर आई 'बॉर्डर 2' ने आते ही धमाका कर दिया था.
इस फिल्म ने कई थिएटर्स के बाहर हाउसफुल के बोर्ड्स टंगवा दिए थे. 27 फरवरी को रिलीज होने जा रही 'द केरला स्टोरी 2' को अगर जनता का सपोर्ट मिला, तो ये भी फरवरी खत्म होने से पहले थिएटर्स में माहौल जमा सकती है.