धारावी मुंबई (Dharavi, Mumbai), महाराष्ट्र में स्थित एक घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में गिना जाता रहा है. यह क्षेत्र लगभग 2.39 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां की आबादी करीब 10 लाख बताई जाती है. सीमित क्षेत्र में बड़ी आबादी के रहने के कारण धारावी को दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले इलाकों में शामिल किया जाता है.
धारावी का इतिहास 19वीं सदी से जुड़ा हुआ है. 18वीं सदी में यह क्षेत्र मैंग्रोव वनस्पति और दलदली जमीन वाला एक द्वीप था. यहां आबादी कम थी और मुख्य रूप से कोली समुदाय के मछुआरे रहते थे. उस समय इस बस्ती को कोलीवाड़ा के नाम से भी जाना जाता था. बाद में मुंबई के शहरी विस्तार और रोजगार के अवसरों के कारण यहां आबादी बढ़ने लगी.
ब्रिटिश शासन के दौरान मुंबई की जनसंख्या तेजी से बढ़ी. शहर के दक्षिणी हिस्से में आबादी का दबाव बढ़ने के साथ कई उद्योगों को दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया. इसी प्रक्रिया के दौरान धारावी में भी औद्योगिक गतिविधियां शुरू हुईं. वर्ष 1887 में मुंबई के पुराने शहरी क्षेत्र से एक चमड़ा कारखाना धारावी में स्थानांतरित किया गया. इसके बाद चमड़े के काम से जुड़े कारीगर और मजदूर यहां आकर बसने लगे.
धारावी में गुजरात से आए कुम्हार समुदाय के लोगों ने मिट्टी के बर्तन बनाने का काम शुरू किया. उत्तर प्रदेश से आए कारीगरों ने कढ़ाई और कपड़े तैयार करने से जुड़े कामों में हिस्सा लिया. समय के साथ यहां चमड़ा उद्योग, कपड़ा निर्माण, मिट्टी के बर्तन बनाने और अन्य छोटे कारोबारों का विस्तार हुआ. इन कामों के लिए रोजगार की तलाश में ग्रामीण इलाकों से लोग मुंबई पहुंचे और धारावी में रहने लगे.
आबादी बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक यहां बुनियादी सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. कई जगहों पर मकान और छोटी कार्यशालाएं बिना किसी व्यवस्थित योजना के बनती गईं. साफ सफाई, जल निकासी, पेयजल और सड़कों जैसी सुविधाओं की कमी बनी रही. स्थानीय लोगों ने अपनी जरूरतों के अनुसार स्कूल, धार्मिक स्थल, घर और छोटे कारखाने स्थापित किए.
धारावी में हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों के लोग रहते हैं. यहां विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े परिवार बसे हुए हैं. वर्ष 1883 में यहां गणेश मंदिर का निर्माण हुआ, जबकि वर्ष 1887 में बादी मस्जिद की शुरुआत हुई.
धारावी को अतीत में कई स्वास्थ्य संबंधी संकटों का सामना करना पड़ा. वर्ष 1896 में मुंबई में फैली प्लेग महामारी का असर भी इस क्षेत्र पर पड़ा था. आज धारावी मुंबई के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के छोटे व्यवसाय संचालित होते हैं.
Adani-Jabil JV Deal: अमेरिकी कंपनी जैबिल इंक के साथ प्रस्तावित 50:50 संयुक्त उद्यम के जरिए अडानी ग्रुप भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण बनाएगा. इस साझेदारी का मकसद भारत में ही ऐसे उपकरणों का निर्माण करना है, ताकि देश की बढ़ती मांग पूरी करने के साथ दूसरे बाजारों में भी आपूर्ति की जा सके.
Gautam Adani की कंपनी ने मुंबई के धारावी के कायाकल्प को लेकर अपना काम शुरू कर दिया है और यहां रहने वाले पात्र निवासियों के लिए 10,000 से ज्यादा घरों का निर्माण होने लगा है.
धारावी रिडेवलपमेंट प्रोग्राम को लेकर अडानी एंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर (एग्रो, ऑयल एंड गैस) प्रणव अडानी ने कहा कि यह आधुनिक इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी और संवेदनशील प्रोग्राम होगा.