कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG आज के समय में तेजी से इस्तेमाल होने वाला एक साफ और किफायती ईंधन है. यह प्राकृतिक गैस होती है, जिसे बहुत अधिक दबाव (प्रेशर) में कंप्रेस करके सिलेंडर में भरा जाता है. इसका उपयोग खासतौर पर वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है.
CNG मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनी होती है, जो जमीन के अंदर से निकलती है. इसे साफ करके और कंप्रेस करके इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है. पेट्रोल और डीजल की तुलना में यह ज्यादा सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल मानी जाती है.
CNG के कई फायदे हैं, जिनकी वजह से यह लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है-
सस्ता ईंधन: पेट्रोल और डीजल के मुकाबले CNG काफी सस्ती होती है, जिससे वाहन चलाने का खर्च कम हो जाता है.
कम प्रदूषण: CNG जलने पर बहुत कम धुआं और हानिकारक गैसें छोड़ती है, जिससे हवा साफ रहती है.
सुरक्षित: CNG हवा से हल्की होती है, इसलिए लीक होने पर ऊपर की ओर फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है.
इंजन के लिए बेहतर: CNG से वाहन का इंजन साफ रहता है और उसकी लाइफ भी बढ़ती है.
CNG का सबसे ज्यादा उपयोग कार, ऑटो और बसों में होता है. आजकल कई शहरों में CNG स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों को इसे अपनाने में आसानी हो रही है. इसके अलावा कुछ उद्योगों में भी इसका उपयोग किया जाता है.
Petrol-Diesel Price Hike: जिसका डर था वही हुआ, देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है. 15 मई से तेल कंपनियों ने फ्यूल प्राइस हाइक का झटका देते हुए इनकी कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया.
Petrol-Diesel देश में महंगा हो गया है, इसके साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले सोना और दूध के दाम भी बढ़े, कुल मिलाकर बीते 48 घंटे में देश की जनता पर महंगाई का 'चौतरफा अटैक' हुआ है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए की बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया है. विपक्ष का कहना है कि जनता पहले से ही महंगी गैस और बिजली बिल से परेशान है, अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही है.
पेट्रोल, डीजल के बाद अब दिल्ली में सीएनजी भी महंगा हो गया है. पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए की बढ़ोतरी हुई थी, वहीं अब सीएनजी के दाम 2 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं.
Fuel Price Hike: दिल्ली में CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है. इससे पहले पेट्रोल और डीज़ल के रेट भी 3-3 रुपये महंगे हुए थे. बढ़ती ईंधन कीमतों से आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है. वीडियों में जानें अब राजधानी दिल्ली में क्या है नए फ्यूल के दाम.
Inflation Triple Attack In India: देश में महंगाई का ट्रिपल अटैक देखने को मिला है. पहले सोना-चांदी पर महंगाई का बम फूटा, तो इसके बाद दो कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने देशभर में दूध की कीमतें बढ़ा दीं. अब सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.
CNG Price Hike In Mumbai: मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड ने महंगाई का झटका देते हुए सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है, जिसके बाद 1 किलो CNG Rate बढ़कर 84 रुपये हो गया है.
Best Selling CNG Cars in India: नई कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं और सीएनजी चाहते हैं, तो देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों के बारे में जान लीजिए. हम वित्तवर्ष 2026 में सबसे ज्यादा बिकने वाली 10 सीएनजी पैसेंजर गाड़ियों की एक लिस्ट लेकर आए हैं. इसके आधार पर आप समझ पाएंगे कि लोग कौन-सी गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं.
1 मई 2026 से देश में कई बड़े बदलाव लागू होंगे. LPG कीमत, CNG-PNG, SBI क्रेडिट कार्ड चार्ज, ऑनलाइन गेमिंग नियम और बैंक हॉलिडे का असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. जानें सभी 5 अहम बदलाव.
दिल्ली में ‘No PUC, No Fuel’ नियम सख्ती से लागू. अब बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल, डीजल, CNG या LPG नहीं मिलेगी. जानें नए नियम, जुर्माना और किन गाड़ियों पर लागू होगा ये फैसला.
घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत ने एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है जो खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है. बड़ी संख्या में मजदूर अपने परिवार के साथ उधना रेलवे स्टेशन पर जमा हुए हैं और शहर छोड़ने पर मजबूर हैं. खुले मैदानों में लोग परिवार सहित बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि ट्रेनों के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं.
गैस संकट पर क्या बोले प्रवासी मजदूर?
महंगे होते पेट्रोल डीजल ने कार खरीदारी का गणित बदल दिया है. अब कार खरीदना सिर्फ शौक नहीं, पूरा हिसाब किताब है, और इस हिसाब में CNG सबसे फिट बैठती नज़र आ रही है, बीते फाइनेंशियल ईयर के बिक्री आंकड़े तो यही कह रहे हैं.
वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है. गैस की किल्लत बनी हुई है. हालांकि सरकार तो पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही है. लेकिन फिर भी लोगों को घरेलू गैस नहीं मिल पा रही. इसीलिए हमारी इन्वेस्टिगेटिव टीम ने दिल्ली में एक स्टिंग ऑपरेशन किया. हमारी कोशिश ये जानने की थी कि क्या कालाबाजारी की वजह से जरूरतमंदों को गैस का सिलेंडर नहीं मिल पा रहा? हमारे स्टिंग ऑपरेशन में बहुत चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. गैस सिलेंडरों के कालाबाजारियों का पूरी पोल पट्टी खुल चुकी है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग से दुनियाभर में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है. भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है. ऐसे में सरकार ने घरेलू ईंधन की समस्या को दूर करने के लिए हर घर तक PNG पाइपलाइन पहुंचाने की कवायद शुरू करने की घोषणा की है.
LPG, CNG, PNG हैं सब गैस. लेकिन अलग-अलग क्यों और कैसे होती हैं इस्तेमाल. आजकल घरों, वाहनों और उद्योगों में अलग-अलग प्रकार की गैसों का उपयोग किया जाता है. एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी और एलएनजी सभी ऊर्जा के स्रोत हैं, लेकिन उनकी संरचना, भंडारण और उपयोग के तरीके अलग-अलग होते हैं. एलपीजी यानि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है.
Citroen C3 CNG को लेकर कंपनी का दावा है कि ये इसकी रनिंग कॉस्ट महज 2.66 रुपये प्रति किलोमीटर है. ये कार को डीलरिशप लेवल पर सीएनजी किट के साथ रेट्रो-फिट किया जाएगा. इसके अलावा कंपनी इसके सीएनजी किट पर 3 साल या 1 लाख किलोमीटर तक की वारंटी भी दे रही है.
Nissan Magnite CNG: निसान इंडिया के एमडी सौरभ वत्स ने आज वर्चुअल इवेंट के दौरान ये पूरी तरह से साफ किया है कि, कंपनी भरतीय बाजार को छोड़कर कहीं नहीं जा रही है. इसके साथ ही कंपनी ने भारत अपने मैग्नाइट सीएनजी को लॉन्च किया है.
Suzuki Victoris CBG: मारुति की पैरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने बायोगैस से चलने वाले विक्टोरिस सीबीजी को पेश किया है. कंपनी का दावा है कि, ये कार पूरी तरह से कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट (CBG) पर चलने में सक्षम है.
Budget 2026 For Auto Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने आज बजट भाषण में कहा कि, लिथियम आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट और आगे बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा CNG मिक्स को लेकर भी सरकार ने बड़े ऐलान किए हैं.