बिट्टू तबाही (Bittu Tabahi) के नाम से पहचान बनाने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी मध्य प्रदेश के एक युवा पर्यावरण कार्यकर्ता और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं. वह नदियों, तालाबों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के अभियान चलाने के लिए चर्चा में आए. प्रदूषित जल स्रोतों से कचरा निकालने के उनके प्रयासों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है.
सुरेंद्र सिंह चौधरी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र से जुड़े हैं. वह विज्ञान विषय में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ उन्होंने अपने आसपास के जल स्रोतों की खराब स्थिति को लेकर काम करना शुरू किया. 26 जनवरी 2026 को उन्होंने अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया. नदी में प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और अन्य अपशिष्ट जमा होने से उसकी स्थिति खराब हो गई थी.
बिट्टू ने शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ नदी से कचरा निकालने का काम किया. वह कई महीनों तक इस अभियान में जुटे रहे. उनकी सफाई के पहले और बाद की तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए. इसके बाद उनके काम की चर्चा दूसरे राज्यों तक पहुंची. उनके प्रयासों के कारण अजनार नदी की सफाई का मामला व्यापक स्तर पर सामने आया.
बिट्टू तबाही ने अजनार नदी के अलावा दूसरे स्थानों पर भी सफाई अभियान चलाए हैं. उन्होंने कर्नाटक के तुरहळ्ळी वन क्षेत्र में सफाई अभियान में हिस्सा लिया. सितंबर 2026 में उन्होंने दिल्ली में यमुना नदी के किनारे सफाई अभियान शुरू किया. इसके बाद उनकी टीम ने गुरुग्राम में भी कचरा हटाया. इन अभियानों में स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया.
14 अक्टूबर 2026 को बिट्टू ने अजनार नदी का एक नया वीडियो शेयर किया. इसमें सफाई के कुछ सप्ताह बाद नदी के किनारे फिर से प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा दिखाई दिया. इससे वह निराश हुए, लेकिन उन्होंने दोबारा नदी में उतरकर सफाई शुरू कर दी. उन्होंने लोगों से कचरा हटाने के बेहतर तरीके सुझाने की अपील भी की.
मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ करने में 8 महीने और कई टन कचरा निकालने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी यानी ‘बिट्टू तबाही’ को फिर उसी नदी में प्लास्टिक और कचरा देखकर झटका लगा. लेकिन मायूसी के बावजूद उन्होंने दोबारा नदी में उतरकर सफाई शुरू कर दी.
बिट्टू तबाही की अजनार नदी सफाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो अलग-अलग जगहों से सफाई के ऐसे वीडियो सामने आने लगे. कहीं युवा नहर में उतरे तो कहीं लोगों ने बच्चों के लिए रास्ता साफ कर दिया.
बिट्टू तबाही ने 100 लोगों की टीम के साथ बेंगलुरु के तुराहल्ली फॉरेस्ट से कचरा साफ किया. इस अभियान के साथ उनकी सफाई मुहिम दूसरे राज्यों तक पहुंची और स्थानीय वॉलंटियर्स ने भी उनका साथ दिया.