अशोकधाम मंदिर (Ashok Dham Temple), जिसे इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, बिहार के लखीसराय जिले में अशोकधाम राजाैना चौकी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां स्थापित शिवलिंग को इंद्रदमनेश्वर महादेव के रूप में पूजा जाता है.
मंदिर परिसर के मध्य भाग में मुख्य शिव मंदिर स्थित है. इसके आसपास देवी पार्वती, भगवान शिव के वाहन नंदी और देवी दुर्गा को समर्पित अलग-अलग मंदिर भी बनाए गए हैं. इस कारण अशोकधाम मंदिर परिसर में कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है.
इस स्थान के इतिहास को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि यह क्षेत्र प्राचीन समय से ही भगवान शिव की पूजा का केंद्र रहा है. कुछ ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, पाल वंश के शासक नारायण पाल के समय यहां शिवलिंग की नियमित पूजा शुरू हुई थी. बाद में 12वीं शताब्दी में राजा इंद्रद्युम्न द्वारा यहां मंदिर बनवाए जाने का उल्लेख भी मिलता है.
आधुनिक इतिहास में अशोकधाम मंदिर की चर्चा वर्ष 1977 में हुई. 7 अप्रैल 1977 को स्थानीय स्तर पर जमीन के नीचे एक विशाल शिवलिंग मिलने की जानकारी सामने आई. इसके बाद इस स्थान पर पूजा और धार्मिक गतिविधियां शुरू हुईं.
11 फरवरी 1993 को जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य द्वारा मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण से जुडे कार्यों का उद्घाटन किया गया. इसके बाद मंदिर के वर्तमान परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढी. 15 नवंबर 2002 से श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के तहत मंदिर परिसर के निर्माण और प्रबंधन से जुडे कार्य किए गए.
महाशिवरात्रि के अवसर पर अशोकधाम मंदिर में बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस दौरान भक्त भगवान शिव को गंगाजल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं. यात्रियों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर क्षेत्र में धर्मशाला की व्यवस्था भी उपलब्ध है. अशोकधाम मंदिर आज लखीसराय जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है.
बिहार के लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में दर्दनाक हादसा लखीसराय में भगदड़ से 7 लोगों की मौत की खबर सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान श्रद्धालुओं के बीच बिजली का तार गिरने से अचानक भगदड़ मच गई. इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. बताया जा रहा है कि घटना के वक्त मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा थी. बताया जा रहा है कि करीब 50 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में लगे हुए थे. इसी दौरान बिजली का तार गिरने से लोग घबराकर भागने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई.
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक के दौरान बड़ा हादसा हो गया. मंदिर परिसर में बिजली का तार गिरने और बैरिकेडिंग टूटने के बाद मची भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में सोमवार को भगदड़ मच गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. चश्मदीद ने बताया कि मौके पर सुरक्षा की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी.
बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बिजली का तार गिरने से भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।