आशा भोसले (Asha Bhosle) एक भारत की एक महान पार्श्व गायिका थी. 12 अप्रैल 2026 को आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. रिपोर्ट्स के अनुसार, दिग्गज सिंगर को कार्डियक अरेस्ट की वजह से अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था.
वह हिंदी सिनेमा में पार्श्व गायन के लिए प्रसिद्ध थी. भोसले का करियर 1943 में शुरू हुआ और सात दशकों से अधिक समय तक चला रहा. उन्होंने एक हजार से ज्यादा फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी. इसके अलावा, उन्होंने कई इंडीपॉप एल्बम रिकॉर्ड भी किए थे और भारत और विदेशों में कई सिंगल म्यूजिक प्रोग्राम किए. आशा भोसले पार्श्व गायिका स्वर्गीय लता मंगेशकर की छोटी बहन (Asha Bhosle’s sister). भोसले के काम में फिल्म संगीत, पॉप, गज़ल, भजन, पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक गीत, कव्वाली और रवींद्र संगीत शामिल हैं. हिंदी के अलावा, उन्होंने 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाया.
आशा भोंसले ने 18 नामांकनों में से सात बेस्ट फीमेल प्लेबैक के फिल्मफेयर पुरस्कार जीते थे. उन्हें 2001 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया था (Asha Bhosle Filmfare awards). भारत सरकार ने उन्हें 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था (Asha Bhosle Padma Vibhushan).
2011 में, सर्वाधिक रिकॉर्ड की गई कलाकार के रूप में उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था (Asha Bhosle in Guinness Book of World Rcords) .
उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को आशा मंगेशकर के नाम से महाराष्ट्र के सांगली के गोर नाम के गांव में हुआ था (Asha Bhosle age). उनके पिता, दीनानाथ मंगेशकर मराठी संगीत के एक अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे. उनकी माता, शेवंती गुजराती थीं (Asha Bhosle parents).
उन्होंने 16 साल की उम्र में 31 वर्षीय गणपतराव भोसले से परिवार की इच्छा के विरुद्ध शादी कर ली थी (Asha Bhosle first marriage). 1960 में वे अलग हो गए थे. उनके तीन बच्चे और पांच पोते-पोतियां थी (Asha Bhosle grandchildren). आशा ने 1980 में खुद से 6 साल छोटे राहुल देव बर्मन से शादी की थी. आरडी और आशा दोनों की यह दूसरी शादी थी (Asha Bhosle second marriage).
आशा भोसले ने मराठी फिल्म माझा बल (1943) के लिए अपना पहला फिल्म गीत ''चला चला नव बाला'' गाया (Asha Bhosle film debut). उन्होंने अपना हिंदी फिल्म डेब्यू हंसराज बहल की चुनरिया (1948) के लिए "सावन आया" गाना गाकर किया था (Asha Bhosle Hindi film debut). उनका पहला सोलो हिंदी फिल्म गीत रात की रानी (1949) फिल्म के लिए था (Asha Bhosle first solo Hindi film song). राज कपूर ने आशा भोसले को बूट पॉलिश (1954) में मोहम्मद रफी के साथ "नन्हे मुन्ने बच्चे" गाने के लिए साइन किया, जिससे उन्होंने लोकप्रियता हासिल की थी. ओपी नैय्यर ने आशा को सी.आई.डी. (1956) में मौका दिया. उन्होंने बीआर चोपड़ा की नया दौर (1957) में गाने गाकर बड़ी सफलता हासिल की थी.
रफी के साथ उनके युगल गीत जैसे "मांग के साथ तुम्हारा", "साथी हाथ बढ़ाना" और "उड़े जब - जब जुल्फें तेरी", ने उन्हें फिल्म उद्योग में स्थापित कर दिया था. इसके बाद, गुमराह (1963), वक्त (1965), हमराज (1967), आदमी और इंसान (1966) और धुंद (1973) जैसी फिल्मों के गानों ने उन्हें देश के शीर्ष पार्श्व गायिकाओं के क्लब में शामिल करा दिया था. 1981 में उन्होंने उमराव जान के लिए "दिल चीज क्या है", "आंखों की मस्ती के", "ये क्या जग है दोस्त" और "जस्तजू जिसकी थी" सहित कई गजलें गाईं. गजलों ने उन्हें उनके करियर का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया था. कुछ साल बाद, उन्होंने इजाज़त (1987) के गीत "मेरा कुछ सामान" के लिए एक और राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था (Asha Bhosle career).
मई 2020 में, भोसले ने आशा भोसले ऑफिशियल नाम से अपना YouTube चैनल लॉन्च किया था (Asha Bhosle YouTube channel).
वह ब्रिटेन के बर्मिंघम, दुबई और कुवैत में आशा के नाम से रेस्टोरेंट चलाती थी. अबू धाबी, दोहा और बहरीन में भी उनके रेस्तरां हैं (Asha Bhosle restaurant business).
दिग्गज सिंगर आशा भोसले ने इस दुनिया को अलविदा कह जा चुकी हैं, लेकिन उनकी याद लोगों के जहन में जिंदा है. संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उनके निधन की सूचना सदन को देते हुए गहरा शोक व्यक्त किया.
लोकसभा में विशेष सत्र के दौरान महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई. 12 अप्रैल 2026 को मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ. जानिए संसद में उनके बारे में क्या कहा गया.
बॉलीवुड में सुरों की मल्लिका के नाम से मशहूर सिंगर आशा भोसले का हाल में निधन हो गया. देश-दुनिया में सिंगर को अलग-अलग तरह से याद किया गया. इस बीच पाकिस्तान में आशा को ट्रिब्यूट देने को लेकर एक टीवी चैनल को नोटिस थमा दिया. लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन मीडिया में भारतीय गाने ट्रेंड कर रहे हैं. देखें रिपोर्ट.
आशा भोसले के 92 वर्ष की उम्र में निधन के बाद 'पैसिव यूथेनेशिया' और आईसीयू प्रोटोकॉल पर बड़ी बहस छिड़ गई है. सीनियर डॉक्टर्स ने आखिरी समय में दी जाने वाली दर्दनाक मेडिकल प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं. जानें क्या है 'लिविंग विल' और भारत में सम्मानजनक मृत्यु को लेकर क्या कहता है कानून.
आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर का आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते वक्त का वीडियो विवादों में आ गया है. वायरल क्लिप में नाम गलत बोलने और श्रद्धांजलि देने से पहले हंसने को लेकर उनकी ट्रोलिंग हो रही है.
आशा भोसले की पोती जनाई ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर अपनी दादी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने सिंगर के अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया. जनाई ने बताया कि अभी वो दुख में हैं. इसलिए ज्यादा कुछ लिख नहीं पाएंगी.
आशा भोसले ने बॉलीवुड इंडस्ट्री की लगभग हर हीरोइन के लिए गाने गाए हैं. मुमताज ने सिंगर के निधन के बाद बताया कि वो आशा जी से आखिरी बार बात करना चाहती थीं. वो उनसे मिलना चाहती थीं, मगर ऐसा संभव नहीं हो पाया.
आशा भोसले के निधन से पूरा हिंदुस्तान टूट गया था. मगर पाकिस्तान में भी जो उनके चाहने वाले थे, वो भी दुखी हुए थे. एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल ने उनके निधन पर कवरेज भी की. लेकिन वहां की मीडिया बॉडी PEMRA ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया.
सिंगर आशा भोसले आज पंचतत्व में विलीन हो गईं. उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी. आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान अनूप जलोटा ने 'उड़ जाएगा हंस अकेला' गाना गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. आमिर ख़ान और विक्की कौशल आशा भोसले के अंतिम दर्शन के लिए शिवाजी पार्क श्मशान भूमि पहुंचे. देखें वीडियो.
सोमवार के दिन मनोरंजन की दुनिया में काफी कुछ घटा. 'सुरों की आशा' आशा भोसले का भावपूर्वक श्रद्धांजलि के साथ अंतिम संस्कार किया गया. वहीं क्रिकेटर युजवेंद्र चहल को लेकर एक इंफ्लुएंसर ने चौंकाने वाला दावा किया.
आशा भोसले के अंतिम संस्कार में फैंस का जनसैलाब उमड़ा, लेकिन कई बड़े सितारे नजर नहीं आए. सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वाले सेलेब्स की गैरमौजूदगी ने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इमोशन बस सिर्फ पोस्ट तक सिमट गए हैं?
दिग्गज सिंगर आशा भोसले ने सिर्फ संगीत की दुनिया में ही नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट बिजनेस में भी बड़ी पहचान बनाई. उनका ‘Asha’s’ नाम का रेस्टोरेंट चेन इंटरनेशनल लेवल पर फैला हुआ है और आज ये करोड़ों का सफल ब्रांड बन चुका है.
Asha Bhosle Rest In Peace: आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. जानिए उनके संघर्ष, परिवार, करियर, अवॉर्ड्स और उनकी अमर संगीत विरासत की पूरी कहानी.
आशा भोसले के अंतिम संस्कार के वक्त कई लोग शिवाजी पार्क में मौजूद दिखे. बॉलीवुड जगत के कई सितारे और संगीतकारों ने आशा ताई को अंतिम विदाई दी और उनके परिवार से भी मुलाकात की.
Asha Bhosle Last Rites: 12 अप्रैल 2026 का दिन भारतीय संगीत के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ. सुरों की मल्लिका आशा भोसले ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. 13 अप्रैल की शाम 5:22 बजे बेटे आनंद भोसले ने आशा के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी. आशा ताई अब पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज और यादें हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी.
'मेरा कुछ सामान' सिर्फ गाना नहीं, एक कल्ट है. जिस यंग जेनरेशन ने आशा भोसले का कोई गाना नहीं सुना होगा, उन्हें भी ये गाना पता होता है. इस आइकॉनिक गाने को धुन में पिरोना कंपोजर आर डी बर्मन के लिए बहुत मुश्किल था. लेकिन आशा जी की वजह से इसकी धुन केवल 15 मिनट में बन गई थी.
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज आशा भोसले के निधन से पूरी दुनिया शोक में डूबी हुई है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने उन्हें याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया है, जिसमें उन्होंने उनके साथ बिताए खास पलों और उनकी सादगी को याद किया.
सिंगर आशा भोसले को आज अंतिम विदाई दी गई. तिरंगे में लिपटी अपनी चहेती गायिका को जब अंतिम सलामी दी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं. सचिन तेंदुलकर खुद को संभाल नहीं पाए और रो पड़े, तो वहीं उद्धव ठाकरे, सुप्रिया सुले और फिल्मी जगत के तमाम दिग्गजों ने भारी मन से उन्हें श्रद्धांजलि दी. देखें वीडियो.
वो आवाज़ जिसने आठ दशकों तक हिंदुस्तान को गुनगुनाना सिखाया, आज हमेशा-हमेशा के लिए विदा ले रही हैं. शाम के 4 बजे 'सुरों की मल्लिका' आशा भोसले का अंतिम संस्कार होगा. उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगई है. कल जब मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से उनके निधन की खबर आई, तो देश जैसे सुन्न पड़ गया था, लेकिन आज विदाई की वो घड़ी आ गई है जो करोड़ों संगीत प्रेमियों का कलेजा चीर रही है. 92 साल का एक असाधारण जीवन, एक ऐसा जादुई सफर जिसने भारतीय संगीत को 12 हजार से ज्यादा नगीने दिए, आज वो पंचतत्व में विलीन होने जा रही हैं.
मीनाक्षी शेषाद्रि ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी.
आशा भोसले की अंतिम यात्रा से पहले उनका पूरा परिवार आखिरी सलाम देने पहुंचा. आशा जी की एक बहन उषा मंगेशकर तो पहुंची ही थीं. मगर उनकी बड़ी बहन मीना मंगेशकर भी उनके पार्थिव शरीर के आखिरी दर्शन के लिए पहुंच गईं.