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CCTV: घर की निगरानी या घर का भेदी? ज्यादातर लोग करते हैं ये गलती, प्राइवेट फुटेज तक होती हैं लीक

घर में लोग सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा के लिए लगाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यही डिवाइस आपके लिए खतरनाक हो सकता है. ज्यादातर लोग सीसीटीव कैमरे के साथ ये गलतियां करते हैं जो बाद में भारी पड़ जाती है.

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भारत में सीसीटीवी पर संकट! (Photo: ITG)
भारत में सीसीटीवी पर संकट! (Photo: ITG)

भारत में तेजी से सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल बढ़ा है. गेट पर, ड्रॉइंग रूम में, बच्चों के कमरे के बाहर, यहां तक कि किचन और बेडरूम तक में कैमरे लग रहे हैं. लेकिन जिस चीज़ को लोग सुरक्षा समझ रहे हैं, वही कई बार सबसे बड़ा खतरा बन जाती है. पिछले कुछ सालों में सीसीटीवी कैमरों की कीमतें काफी कम हो गई हैं. ये भी वजह है कि हर घर में सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं. 

कुछ सीसीटीवी कैमरे क्या नुक़सान पहुंचा सकता है ये जान कर हैरान हो जाएंगे. भारत में ज़्यादातर ऑफ़लाइन या ऑनलाइन मार्केट में सस्ते सीसीटीवी कैमरे बेचे जाते हैं. ये चीन से कम क़ीमत पर इंपोर्ट किए जाते हैं और यहां की कंपनियां इस पर अपना ठप्पा लगा कर मेड इन इंडिया का लोगो लगा कर बेचती हैं. 

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इस तरह के चीनी सीसीटीवी कैमरे का हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर दोनों ही कॉम्प्रोमाइज्ड रहता है. जैसे ही आप कैमरा सेटअप करते हैं आपको कंसेंट देना होता है कि कंपनी आपकी हर रिकॉर्डिंग को ट्रेनिंग पर्पस के लिए यूज़ करेगी. इसका मतलब ये है कि आपकी रिकॉर्डिंग मुमकिन है कोई दूसरा भी देख रहा हो. 

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पब्लिक हो या प्राइवेट सीसीटीवी के एक कमी नासूर बन सकती है…

हाल ही में ख़बर आई कि भारत के कुछ रेलवे स्टेशन्स पर ऐसे सीसीटीवी कैमरे मिले हैं जिनकी फूटेज पाकिस्तान के ISI को जा रही थी. भारत सरकार ने सरकार द्वारा खरीदे जाने वाले सीसीटीवी कैमरों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. सरकार चाहती है कि आगे ऐसा ना हो. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि देश में अब तक लगाए गए करोड़ों सीसीटीवी कैमरों की सिक्योरिटी कैसे सुनिश्चित होगी?

मिडिल ईस्ट में वॉर में भी हमने देखा की कैसे सीसीटीवी को हाइजैक करके प्रेसाइज हमले किए जा रहे हैं. पब्लिक सीसीटीवी हो या प्राइवेट खतरा दोनों पर ही है. 

सीसीटीवी की सिक्योरिटी पर लोग नहीं देते ध्यान 

भारत में ज़्यादातर पब्लिक या प्राइवेट सीसीटीवी सिक्योर नहीं हैं. इसकी कई वजहे हैं. काफी कैमरे तो चीनी से इंपोर्ट करके भारतीय कंपनियां अपना स्टिकर साट कर बेचती हैं. सॉफ़्टवेयर तक चाीनी यूज़ किया जाता है. यानी सीसीटीवी का डेटा चीन जाने के भी चासेंसे बढ़ जाते हैं. 

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इतना ही नहीं, ज़्यादातर होम या पब्लिक सीसीटीवी कैमरों के पासवर्ड एक जैसे ही मिलेंगे. आम तौर पर सीसीटीवी इंस्टॉल कराने के लिए लोग सर्विस प्रोवाइडर या वेंडर से बात करते हैं. एक से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा सेटअप करने के लिए एक प्रोफेशनल की ज़रूरत होती है जो कई कैमरों को सेट करके उसका आउटपुट देता है. 

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आम तौर पर जो पासवर्ड सेटअप करने वाला देता है वही लोग सालों साल तक यूज़ करते हैं. यानी अगर कोई होम या पब्लिक सीसीटीवी हैक करना चाहे तो वो उस वेंडर से आसानी से पासवर्ड तक निकलवा सकता है. 


दूसरी प्रॉब्लम फर्मवेयर की होती है. फर्मवेयर ऐसा सॉफ़्टवेयर है किसी हार्डवेयर में जान डालता है. सीसीटीवी कैमरों का भी अपना फर्मवेयर होता है. कंपनियां समय समय पर फर्मवेयर अपडेट जारी करती हैं जो उसे सिक्योर रखता है.

लेकिन आम तौर पर लोग उसे अपडेट नहीं, इग्नोर कर देते हैं. ये बात हम ब्रांडेड और ट्रस्टेड कंपनियों के सीसीटीवी कैमरों के बारे में कर रहे हैं. क्योंकि सस्ते चीनी सीसीटीवी कैमरा अगर आपने घर में लगा लिया तो शायद ही आपकी पर्सनल लाइफ वाक़ई पर्सनल रह सकती है. 

घर का कैमरा ही स्पाई?

मैंने हाल के समय में कई ऐसे केस देखे और समझे हैं जहां घर में लगे CCTV कैमरे ही लोगों की प्राइवेसी तोड़ने का जरिया बन गए. सबसे बड़ी और आम गलती जो भारतीय घरों में होती है, वो है, पासवर्ड कभी बदलना ही नहीं.

जब कोई कंपनी या लोकल टेक्नीशियन आपके घर CCTV इंस्टॉल करता है, तो वह कैमरा एक डिफॉल्ट यूज़रनेम और पासवर्ड के साथ आता है. इंस्टॉलेशन के बाद ज्यादातर लोग वहीं सेटिंग्स वैसे ही छोड़ देते हैं. यहीं से असली खतरा शुरू होता है. इंस्टॉल करने वाला व्यक्ति, या उसके नेटवर्क का कोई भी व्यक्ति, उस कैमरे को कभी भी एक्सेस कर सकता है. आपको पता भी नहीं चलेगा और कोई आपके घर के अंदर की लाइव फीड देख रहा होगा.

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यह सिर्फ थ्योरी नहीं है. कई मामलों में सामने आया है कि लोगों के घर के कैमरे बिना उनकी जानकारी के एक्सेस किए जा रहे थे. इससे न सिर्फ प्राइवेसी खतरे में आती है, बल्कि इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और स्कैम के लिए भी किया जा सकता है. अगर किसी को आपके घर की ऐक्टिविटी का अंदाजा हो जाए, कब आप घर पर होते हैं, कब नहीं, तो यह फिजिकल सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा रिस्क बन जाता है.

मार्केट में अनब्रांडेंड कैमरों की भरमार

बड़ी समस्या है सस्ते और अनब्रांडेड या री-ब्रांडेड कैमरे. भारत में कई ऐसे CCTV ब्रांड हैं जो असल में अपने कैमरे खुद नहीं बनाते. वे चीन से तैयार हार्डवेयर मंगाते हैं और उस पर अपना स्टिकर लगाकर बेचते हैं. सिर्फ हार्डवेयर ही नहीं, उनका सॉफ्टवेयर और ऐप भी अक्सर थर्ड पार्टी या चीनी कंपनियों का होता है.

इसका मतलब यह है कि आपका डेटा, वीडियो फीड, रिकॉर्डिंग्स, लॉग्स, किस सर्वर पर जा रहा है, आपको पता भी नहीं होता. कई साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स पहले भी यह वॉर्निंग दे चुके हैं कि ऐसे डिवाइस डेटा को बाहर के सर्वर पर भेज सकते हैं. अगर डेटा देश के बाहर स्टोर हो रहा है, तो उस पर आपका कंट्रोल लगभग खत्म हो जाता है. तो सवाल यह है कि अगर आप अपने घर में CCTV लगवा रहे हैं, तो क्या करें ताकि वह सुरक्षा का जरिया बने, खतरा नहीं. 

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कैसे रहें सीसीटीवी के साथ सेफ? 

सीसीटीवी को सेफ्टी के साथ यूज़ करना चाहते हैं तो इन छह प्वाइंट्स को समझें. क्योंकि इसी में समझदारी है. 

पहला कदम है: डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलना. इंस्टॉलेशन के बाद टेक्नीशियन के सामने ही पासवर्ड बदलें. एक मजबूत पासवर्ड रखें जिसमें अक्षर, अंक और स्पेशल कैरेक्टर शामिल हों. ‘12345’ या ‘admin’ जैसे पासवर्ड आपको सीधा मुश्किल में डालते हैं.

दूसरा कदम: कैमरे के ऐप और अकाउंट का कंट्रोल सिर्फ अपने पास रखें. इंस्टॉलर को एडमिन एक्सेस न दें. अगर उसने अपने फोन में लॉगिन किया है, तो तुरंत लॉगआउट करवाएं और पासवर्ड बदलें.

तीसरा कदम: हमेशा ऐसे ब्रांड का कैमरा खरीदें जिसकी साख हो और जो अपने सॉफ्टवेयर और सर्वर के बारे में ट्रांस्पेरेंसी रखता हो. यह जानना जरूरी है कि आपका डेटा कहां स्टोर हो रहा है, भारत में या विदेश में. कुछ कैमरा कंपनियां एंड टु एंड एनक्रिप्शन देती हैं. अगर आपको एंड टु एंड एनक्रिप्शन से लैस सीसीटीवी कैमरा मिलता है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. 

चौथा कदम: कैमरे का फर्मवेयर और ऐप समय समय पर अपडेट करें. कंपनियां समय-समय पर सिक्योरिटी पैच जारी करती हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना आपको खतरे में डाल सकता है.

पांचवां कदम: अगर मुमकिन हो तो कैमरे को एक अलग वाई-फाई नेटवर्क या गेस्ट नेटवर्क पर चलाएं. इससे अगर कैमरा कभी हैक होता भी है, तो आपका बाकी नेटवर्क सुरक्षित रहेगा.

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छठा कदम: कैमरे में अगर रिमोट एक्सेस का विकल्प है, तो उसे सोच-समझकर इस्तेमाल करें. हर जगह से एक्सेस जरूरी नहीं होता. जहां जरूरत न हो, वहां इसे बंद रखना बेहतर है.

सेफ्टी टिप्स

कैमरा कहां लगा रहे हैं, इस पर ध्यान दें. बेडरूम या निजी जगहों में कैमरा लगाना आपको खुद के लिए जोखिम में डाल सकता है. आज के समय में CCTV कैमरा लगाना समझदारी है, लेकिन बिना जानकारी के लगाना लापरवाही है. टेक्नोलॉजी आपको सिक्योर भी बना सकती है और इनसिक्योर भी… फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि आप उसे कैसे इस्तेमाल करते हैं.

अगर आप थोड़ी सावधानी बरतें, तो यही कैमरा आपके घर की सिक्योरिटी का मजबूत लेयर बन सकता है. लेकिन अगर आपने बेसिक सिक्योरिटी भी नजरअंदाज की, तो यही कैमरा आपके घर की सबसे कमजोर कड़ी भी बन सकता है.

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