दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर तेजी से बढ़ रहा है और इसका सबसे बड़ा फायदा इस समय OpenAI के कर्मचारियों को मिलता दिख रहा है. ChatGPT बनाने वाली इस कंपनी ने अपने कर्मचारियों को शेयर बेचने का मौका दिया, जिसके बाद सैकड़ों लोग करोड़पति बन गए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने पिछले साल एक बड़ा शेयर बिक्री प्रोग्राम चलाया था. इसमें कंपनी के मौजूदा और पुराने कर्मचारियों को अपने हिस्से के शेयर बाहरी निवेशकों को बेचने की इजाजत दी गई.
इस पूरे प्रोसेस में करीब 600 से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और कुल मिलाकर अरबों डॉलर के शेयर बेचे गए. बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों ने करीब 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचे.
250 करोड़ तक की कमाई
अगर भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम करीब 200 से 250 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है. इससे ये पता चलता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में टेक कंपनियों में काम करने वाले लोगों की कमाई किस स्तर तक पहुंच गई है.
दरअसल, चैटजीपीटी लॉन्च होने के बाद ओपनएआई की वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया. कुछ साल पहले तक कंपनी की कीमत काफी कम थी, लेकिन अब यह दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट टेक कंपनियों में शामिल हो चुकी है. कई रिपोर्ट्स में कंपनी की वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर तक बताई जा रही है.
इस शेयर बिक्री के दौरान करीब 75 कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा फायदा उठाया. इन लोगों ने कंपनी द्वारा तय सीमा तक शेयर बेचे और हर व्यक्ति ने करोड़ों डॉलर की कमाई की. यह मौका खासकर उन लोगों के लिए बड़ा था जो कंपनी के शुरुआती दौर से जुड़े हुए थे.
कंपनी में एक नियम भी है, जिसके तहत नए कर्मचारियों को तुरंत शेयर बेचने की इजाजत नहीं होती. उन्हें कुछ समय तक इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में पुराने कर्मचारियों को पहली बार इतने बड़े स्तर पर पैसे निकालने का मौका मिला.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस तेजी का असर अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहा है. विदेशों में कुछ शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है, क्योंकि इस सेक्टर के कर्मचारी अचानक बहुत अमीर हो रहे हैं.
दूसरी बड़ी टेक कंपनियां भी अब इस रेस में शामिल हो चुकी हैं. कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स को अपनी तरफ खींचने के लिए भारी सैलरी ऑफर कर रही हैं. कुछ मामलों में यह पैकेज करोड़ों रुपये तक पहुंच रहे हैं.
इन सबके बीच ओपनएआई को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं. कंपनी का फ्यूूचर क्या होगा, क्या यह शेयर बाजार में आएगी, इस पर सबकी नजर है. अगर ऐसा होता है, तो यह टेक दुनिया की सबसे बड़े डेवेलपमेंट में से एक हो सकती है.