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India Today AI Summit: 'AI की वजह से नौकरियां जाएंगी नहीं, जा चुकी हैं'

India Today AI Summit 2026 में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स शामिल हुए हैं. इस समिट में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में AI का क्या असर होगा इस पर चर्चा हुई है. Implementing India’s AI Mission टॉपिक पर चर्चा में ललितेश कटरागड्डा, प्रो. निखिला नटराजन और राहुल कोठारी शामिल हुए हैं. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है.

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इंडिया टुडे AI समिट में कई दिग्गज शामिल हुए हैं. (Photo: Screengrab/ ITG)
इंडिया टुडे AI समिट में कई दिग्गज शामिल हुए हैं. (Photo: Screengrab/ ITG)

इंडिया टुडे AI समिट 2026 में कई टॉपिक्स पर चर्चा हुई है. इस समिट में कई दिग्गज शामिल हुए हैं, जिन्होंने AI का हमारे जीवन पर क्या असर होगा उसे लेकर चर्चा की है. Implementing India’s AI Mission टॉपिक पर ललितेश कटरागड्डा (Indihood.com के फाउंडर), प्रोफेसर निखिला नटराजन (सहायक प्रोफेसर,रटगर्स, न्यू जर्सी स्टेट यूनिवर्सिटी) और Razorpay के COO राहुल कोठारी ने चर्चा की है. 

राहुल कोठारी ने इस टॉपिक पर चर्चा करते हुए बताया कि एक बड़ा बदलाव ये है कि अगले 5 सालों में कई AI बेस्ड बिजनेसेस आएंगे. इसके अलावा किस तरह से पूरा ई-कॉमर्स बिजनेस बदल रहा है, ये बड़ा बदलाव होगा. ज्यादातर बिजनेसेस अब AI पर स्विच कर रहे हैं. अगले 5 साल में संभव है कि 50 परसेंट ऑनलाइन ट्रांजेक्शन AI द्वारा किए जाएंगे.' 

'मुझे नहीं लगता है कि आंत्रोप्रेन्योर्स चीजों के परफेक्ट होने का इंतजार कर रहे हैं. कुछ लोगों से शुरू हुआ AI एडॉप्शन अब बढ़ रहा है. ज्यादा से ज्यादा लोग अब AI इस्तेमाल कर रहे हैं.' 

भारत को भारत के लिए AI बनाना होगा

अगले 5 साल में AI कहा होगा इस पर बात करते हुए ललितेश कटरागड्डा ने बताया, 'भारत का AI मिशन 'भारत' होना चाहिए. इससे मेरा मतलब है कि हमारे देश में 1.4 अरब लोग हैं. भारत के कई हिस्से अभी भी पीछे हैं और हमें तेजी से आगे आना होगा.' 

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'अगर आप हेल्थ केयर की बात करें, तो सभी लोगों को एक लेवल की हेल्थ सुविधाएं नहीं मिल सकती हैं. ऐसी स्थिति में AI की एंट्री होगी. इस AI को भारत द्वारा बनाया जाना चाहिए, जो कम कीमत पर आए और सभी के लिए उपलब्ध हो.'

वहीं प्रो निखिला नटराजन बताती हैं कि बच्चे AI पर बात करते हैं. बच्चे और टीनएजर्स रेड लाइन को लेकर बहुत क्लियर हैं. ज्यादातर बातचीत पर एडल्ट्स का कब्जा होता है, लेकिन बच्चों को मौका दिया जाना चाहिए.

क्या AI की वजह से खत्म होंगी नौकरियां?

ललितेश ने बताया, 'AI की वजह से अगले 5 साल में लगभग 90 परसेंट वॉइट कॉलर जॉब्स खत्म हो जाएंगी. हालांकि, हमें ये याद रखना होगा कि अभी हम कितने लोगों को सर्व कर रहे हैं. अगर हम पूरी दुनिया को सर्व करना शुरू कर देंगे, जो जॉब्स वापस आएंगी.' 

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वहीं जॉब्स के टॉपिक पर निखिला ने मानना है कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में कई ऐसी जगहें हैं, जहां प्रॉब्लम्स को सॉल्व किया जाना बाकी है. जब हम उन एरिया में काम करेंगे, तो नई जॉब्स क्रिएट होंगी. इसके लिए आपके पास स्किलसेट्स होने चाहिए, जिसके बदौलत आप आगे बढ़ेंगे. 

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राहुल कोठारी ने कहा, 'बहुत सी जॉब्स खत्म हो चुकी है. कस्टमर्स सपोर्ट जॉब्स पहले जिनके लिए इंसानों की जरूरत होती थी, अब AI बेस्ड हो चुकी हैं. बहुत से सेल्स कॉल जो आपको फोन पर आती हैं वो भी AI जनरेटेड हैं. तो बहुत सी नौकियां जा चुकी हैं.' 

'आज जिस तरह से AI काम कर रहा है, उससे एंट्री लेवल जॉब्स कम होंगी. ऐसे में AI की मदद से आपको खुद को आगे बढ़ाना होगा. लगभग सभी जॉब्स को रिस्किल और अपस्किल करने की जरूरत है.'

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