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India Today AI Summit: एप्लायड AI में दुनिया के मुकाबले कहां है भारत?

India Today AI Summit 2026: इंडिया टुडे का AI समिट शुरू हो चुका है. समिट का पहला सेशन ही एप्लायड AI पर रहा है. यानी असल जीवन में AI कहा है और उस पर कैसे काम हो रहा है. इस सेशन के स्पीकर General Catalyst के CEO हेमंत तनेजा थे, जिन्होंने एप्लायड AI को लेकर कई बातें की हैं.

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India Today AI Summit 2026 में General Catalyst के CEO हेमंत तनेजा ने AI पर बातचीत की है. (Photo: Screengrab YouTube/ ITG)
India Today AI Summit 2026 में General Catalyst के CEO हेमंत तनेजा ने AI पर बातचीत की है. (Photo: Screengrab YouTube/ ITG)

इंडिया टुडे AI समिट की शुरुआत हो चुकी है. पहला सेशन 'The Era of Applied AI' का रहा. इस सेशन में General Catalyst के CEO हेमन्त तनेजा ने रियल लाइफ में AI के इस्तेमाल को लेकर चर्चा की है. उन्होंने बताया कि AI किस तरह से लोगों की लाइफ को आसान बना सकता है.

तनेजा ने बताया कि AI निवेश को दो हिस्सों में देखना चाहिए. एक जहां AI में रिसर्च पर निवेश किया जा रहा है. किसी लैग्वेंज मॉड्यूल को ट्रेनिंग देना, उसे विकसित करना ये सब उसका हिस्सा है. वहीं दूसरा हिस्सा है एप्लायड AI का. यानी जहां AI का इस्तेमाल रियल लाइफ में हो रहा है.

उन्होंने बताया कि AI में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश किया जा चुका है. AI अपने आप में एक बड़ी ताकत है. असल कहानी इसे अप्लाई करने की है. 

रियल लाइफ में कैसे काम कर रहा है AI?

रियल लाइफ में इसका उदाहरण देते हुए तनेजा ने बताया, 'अगर आप न्यूज देखेंगे तो पाएंगे कि कोडिंग डिपार्टमेंट में बहुत काम हुआ है. अब AI आपको तेजी से सॉफ्टवेयर बनाने में मदद करता है. यानी जिस काम को करने में महीनों का वक्त और कई लोगों की टीम लगती थी, वो काम अब कम लोगों में और जल्दी हो रहा है.' 

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AI लोगों के जीवन का हिस्सा कैसे बनेगा इस पर बात करते हुए उन्होंने बताया, 'पहला कदम एंटरप्राइसेस का AI ट्रांसफॉर्मेशन होना है. अगर एंटरप्राइसेस ट्रांसफॉर्म होंगे, तो आम लोगों की लाइफ तक उसका फायदा मिलेगा. मान लीजिए आप एक AI इनेबल हॉस्पिटल बनाते हैं, तो कई ऐसे काम हैं, जिनके लिए लोगों की जरूरत नहीं होगी. वो सारे काम जल्दी और आसानी से हो जाएंगे.'

एप्लाइड AI में हम अच्छा काम कर रहे हैं

उन्होंने बताया, 'जब बात एप्लाइड AI की होती है, तो भारत काफी अच्छा काम करता है. AI टूल को विकसित करने में हम पीछे जरूर रहे, लेकिन जैसे ही AI को किसी सर्विस में बदलने की बात होती है, हम काफी अच्छा काम कर रहे हैं.'

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तनेजा ने कहा, 'प्रोडक्ट की परिभाषा बदल रही है. टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है. अब बात किसी प्रोडक्ट को बनाने से ज्यादा उस समस्या को समझने की है, जिसका समाधान लोगों को चाहिए. भारत ने जिस तरह से UPI के साथ काम किया है, उसी तरह AI के दिशा में काम होगा.'

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स्टार्टअप या लेगेसी कंपनियां, किस पर दांव लगाएंगे आप?

'स्टार्टअप के पास क्षमता है, लेकिन उनके पास डेटा, कस्टमर और स्केल करने की जगह नहीं है. वहीं स्थापित नामों के पास ये सब है, लेकिन जरूरी लीडरशिप नहीं है.' 

'AI का असर निश्चित रूप से नौकरियों पर पड़ेगा. इसकी वजह से नौकरियों का स्वरूप बदलेगा. AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी. हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि पूरा देश AI के इस्तेमाल को जाने और सीखे. AI के ओर रुख करें और उसके बारे सीखे. AI को सीखने के बाद कोशिश करें कि कैसे इसकी मदद से भारतीयों के जीवन को आसान बनाया जाए.'

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