scorecardresearch
 

NHAI ने पकड़ी FASTag यूजर्स की चालाकी, कहा- ब्लैकलिस्ट हो जाएगा, लगेगा दोगुना टोल

लखनऊ एक्सप्रेस-वे हो या फिर यमुना एक्सप्रेस-वे, टोल कलेक्शन के लिए FASTag का यूज होता है. अब NHAI ने फास्टैग यूजर्स की एक चालाकी को पकड़ा है और उसको लेकर पोस्ट किया है. NHAI ने बताया है कि एक गलती की वजह से फास्टैग ब्लैक लिस्ट हो सकता है, जिसके बाद टोल प्लाजा पर डबल टोल तक देना पड़ सकता है.

Advertisement
X
Fastag को विंड स्क्रीन पर चिपकाना जरूरी है. (File Photo: Getty )
Fastag को विंड स्क्रीन पर चिपकाना जरूरी है. (File Photo: Getty )

नया गंगा एक्सप्रेस-वे हो या फिर अन्य कोई हाइवे, टोल कलेक्शन के लिए FASTag का यूज होता है. अब भारत सरकार के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक पोस्ट करके कुछ लोगों की चालाकी के बारे में बताया है. साथ ही उनको सलाह दी है कि फास्टैग के साथ गलती ना करें.  

NHAI ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम) पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में अथॉरिटी ने बताया है कि फास्टैग को अगर विंड स्क्रीन पर चिकपाया नहीं जाता है तो इसकी वजह से फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है. फास्टैग को लेकर अथॉरिटी ने कहा है कि इसको विंड स्क्रीन पर पेस्ट करना चाहिए. साथ ही वह क्लियर दिखना भी चाहिए. 

फास्टैग के लिए लगा रहे ट्रांस्पेरेंट पॉकेट 

बहुत से कार चालक ऐसा नहीं कर रहे हैं. वे विंड स्क्रीन पर एक ट्रांस्पेरेंट पॉकेट लगा देते हैं. इसके बाद जब वह एक्सप्रेस-वे या हाईवे पर पहुंचते हैं तो उस पॉकेट के अंदर फास्टैग को रख देते हैं, जबकि फास्टैग को विंडस्क्रीन पर चिपकाना चाहिए. 

NHAI का पोस्ट 

सफर के बाद निकाल लेते हैं 

बहुत से लोग जब एक्सप्रेसवे या हाइवे पर नहीं जाते हैं तो उस फास्टैग को निकालकर रख लेते हैं. आशंका है कि एक फास्टैग का यूज दूसरे नंबर की कार में भी हो सकता है. अथॉरिटी ने बताया है कि ऐसा करना सरासर गलत है. इसकी वजह से फासल्टैग ब्लैक लिस्ट भी हो सकता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: कहीं बंद तो नहीं हो गया आपका FASTag? सिंपल है चेक करना

फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने की वजह से वह टोल गेट पर काम नहीं करेगा. ऐसे में आपको पेमेंट कैश में करनी पड़ सकती है, जिसके लिए डबल टोल टैक्स तक की पेमेंट करनी पड़ सकती है. 

FASTag क्या है? 

FASTag, असल में एक इलेक्ट्रोनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है. यह फास्टैग एक वॉलेट अकाउंट से कनेक्ट होता है. जैसे ही कार टोल प्लाजा पर पहुंचती है, सिस्टम विंड स्क्रीन पर लगे फास्टैग को ट्रैक करता है और एक्टिवेट फास्टैग के लिए गेट ओपन कर देता है. 

फास्टैग अगर ब्लैक लिस्ट है या फिर उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो टोल गेट ओपन नहीं होंगे. ऐसे में आपको दोगुना टोल तक पे करना पड़ सकता है. 
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement