आज की दुनिया में जहां लोग सुबह उठते ही मोबाइल देखते हैं और दिनभर ईमेल, मैसेज और सोशल मीडिया में लगे रहते हैं, वहीं दुनिया के सबसे मशहूर फिल्म डायरेक्टर्स में से एक क्रिस्टोफर नोलन बिल्कुल अलग जिंदगी जीते हैं.
दिलचस्प ये है कि क्रिस्टोफर नोलन ने इंटरस्टेलर जैसी कई साइंस फिक्शन फिल्म बना कर दुनिया भर में नाम कमाया है. नोलन की साइंस फिक्शन फिल्में अक्सर साइंस के बेहद करीब होती हैं और कई साइंटिस्ट्स ये कह चुके हैं कि नोलन की बनाई गई साइंस फिक्शन फिल्मों में काफी हद तक असलियत दिखाई जाती है. क्योंकि वो अपनी टीम में साइंटिस्ट्स को भी रखते हैं.
बैटमैन और इंटरस्टेलर जैसी फिल्में दीं, लेकिन ईमेल और फोन नहीं रखते
हैरानी की बात यह है कि बैटमैन ट्रिलोजी, इंटरस्टेलर, इंसेप्शन और ऑस्कर जीतने वाली ओपेनहाइमर जैसी फिल्में बनाने वाले क्रिस नोलन ने आज तक स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया और न ही कभी ईमेल अकाउंट बनाया.
हाल ही में नोलन को लेकर फिर चर्चा शुरू हुई जब कई इंटरव्यू और रिपोर्ट्स में उनकी ऑफलाइन लाइफ सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक नोलन आज भी एक साधारण फ्लिप फोन इस्तेमाल करते हैं, वो भी सिर्फ जरूरी कॉल के लिए.
इंटरनेट से दूरी बनाए रखने के लिए वह अपने फिल्म स्क्रिप्ट ऐसे कंप्यूटर पर लिखते हैं जो इंटरनेट से जुड़ा ही नहीं होता. इसका फायदा ये होता है कि स्क्रिप्ट लीक होने का डर नहीं होता. क्योंकि कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्टेड नहीं है तो फाइल चोरी मुमकिन नहीं है.
नोटिफिकेशन्स तोड़ते हैं ध्यान
क्रिस नोलन का मानना है कि स्मार्टफोन और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन इंसान का ध्यान तोड़ देते हैं. उनका कहना है कि अगर वह पूरे दिन मोबाइल में लगे रहेंगे तो फिल्म की कहानी और किरदारों पर गहराई से सोच नहीं पाएंगे. यही वजह है कि वह खुद को डिजिटल दुनिया से थोड़ा दूर रखते हैं.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि नोलन सिर्फ खुद ही फोन से दूर नहीं रहते, बल्कि उनके फिल्म सेट पर भी मोबाइल इस्तेमाल करने पर सख्ती रहती है.
कई कलाकार पहले भी बता चुके हैं कि नोलन शूटिंग के दौरान फोन पसंद नहीं करते क्योंकि इससे कलाकारों का फोकस टूटता है. हाल ही में स्पाइडरमैन के अभिनेता टॉम हॉलैंड ने भी बताया था कि नोलन के सेट पर नो फोन माहौल रहता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक नोलन जरूरी ईमेल भी खुद नहीं पढ़ते. उनकी टीम और असिस्टेंट्स जरूरी मैसेज प्रिंट करके उन्हें देते हैं. कई बार तो वह फिल्म की स्क्रिप्ट कलाकारों तक खुद जाकर पहुंचाते हैं ताकि कोई लीक या डिजिटल खतरा न हो.
QR कोड की वजह से मोबाइल यूज करना होता है
हालांकि अब नोलन खुद मानते हैं कि बिना स्मार्टफोन की जिंदगी पहले जितनी आसान नहीं रही. खासकर कोविड के बाद हर जगह क्यूआर कोड, ऐप और डिजिटल सिस्टम बढ़ने से दिक्कतें बढ़ी हैं.
लेकिन इसके बावजूद वह अपनी इस आदत को छोड़ना नहीं चाहते. उनका मानना है कि लगातार ऑनलाइन रहने से इंसान की सोचने की ताकत और क्रिएटिविटी प्रभावित होती है.
दिलचस्प बात यह भी है कि नोलन टेक्नोलॉजी के खिलाफ नहीं हैं. उनकी फिल्में दुनिया की सबसे एडवांस्ड फिल्म तकनीक से बनती हैं. वह IMAX कैमरों और बड़े फिल्म फॉर्मेट के बड़े सपोर्टर माने जाते हैं. यानी फिल्मों में वह सबसे मॉडर्न टेक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पर्सनल जिंदगी में खुद को उससे दूर रखते हैं.