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कुछ साल में इंसानों से आगे निकल जाएगा AI, Summit में Anthropic CEO का बड़ा दावा

Anthropic CEO ने AI Impact Summit में बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि कुछ ही सालों में AI की सोचने समझने की क्षमता इंसानों की तरह हो जाएगा. ये वही कंपनी है जो अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को अपनी AI सर्विसेज प्रोवाइड करती है.

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Anthropic CEO Dario Amodei (Photo: IndiaAI)
Anthropic CEO Dario Amodei (Photo: IndiaAI)

India AI Impact Summit 2026 में Anthropic के CEO Dario Amodei ने AI के फ्यूचर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ ही सालों में AI इंसानों की सोचने और समझने की क्षमता को पार कर सकता है. उन्होंने कहा कि खासकर उन तरह के कामों में जिन्हें आज हम कॉग्निटिव यानी सोच समझ वाले काम कहते हैं.

डारियो ने कहा कि AI की प्रगति इतनी तेज है कि यह एक तरह का 'Moore’s Law for intelligence' बन गया है, यानी जैसे कंप्यूटर पावर तेजी से बढ़ती है.

Moore Law आम तौर पर गॉर्डन मूर पर आधारित है जो इंटेले के को-फाउंडर थे और उन्होंने पाया कि हर दो साल में इंटिग्रेेटेड सर्किट यानी IC में लगे हुए ट्रांजिस्टर्स  डबल होते जा रहे थे. यानी कंप्यूटर पावर तेजी से बढ़ रहा था. 

यह भी पढ़ें: अमेरिकी AI कंपनी Anthropic पर भारतीय कंपनी ने ठोका केस, कहा- ये नाम हमारा है

Amodei ने कहा, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ह्यूमन कॉग्निटिव एबिलिटीज को कुछ ही सालों में पार कर जाएगा'. डारियो ने साफ किया कि ज्यादार कामों में कुछ सालों के बाद AI इंसानों की तरह ही हो जाएगा यानी सोच और समझ सकेगा जैसे इंसान सोचते और समझते हैं. 

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उन्होंने आगे कहा कि AI आज कई सेक्टर में काम कर रहा है, हेल्थ, एजुकेशन, गवर्नेंस और खेती जैसे क्षेत्रों में. उन्होंने जोर दे कर कहा कि AI का इस्तेमाल सिर्फ टेक कंपनियों के फायदे के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में इसे शामिल करना चाहिए. AI से सरकारी सेवाएं तेज़ और अधिक नागरिक-फोकस्ड हो सकती हैं.

Anthropic CEO ने भारत को AI के भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका वाला देश बताया. उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी आबादी और डिजिटल उपयोग AI को सीखने और तेज़ी से बेहतर बनाने में मदद कर रही है.

इसके अलावा भारत जैसे देश में लैंग्वेज डायवर्सिटी AI मॉडल को अलग-अलग भाषा और सांस्कृतिक जरूरतों के लिए बेहतर बनाने का मौका देती है. उन्होंने भारत में अपना ऑफिस खोलने की भी बात कही. पहला ऑफिस बंगलुरू में खुल रहा है. 

उन्होंने यह भी बताया कि Anthropic की भारत में बिजनेस रेट चार महीने में दोगुना हो गई है, क्योंकि बहुत सारी कंपनियां और डेवलपर्स AI टूल्स अपनाने लगे हैं.

Amodei ने कहा कि भारत में AI मॉडल और टूल्स की वृद्धि बहुत तेज़ है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि AI से फायदे के साथ जोखिम भी जुड़े हैं. जैसे कि बायस, गलत जानकारी या गलत इस्तेमाल होने की संभावना. इसलिए Amodei ने कहा कि AI को विकसित करते समय सुरक्षा और जिम्मेदारी  पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है.

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समिट में बाकी नेताओं ने भी AI के सही इस्तेमाल और जोखिम के मुकाबले पर चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि AI इंसान को और सक्षम बनाएगा और यही सोच आगे बढ़ने का सही रास्ता है. AI Impact Summit में गूगल सीईओ सुंदर पिचाई सहित OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन और Meta AI चीफ अलेग्जेंडर वॉन्ग भी मौजूद हैं. 

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