भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर और दो बार ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पीआर श्रीजेश (PR Sreejesh) और हॉकी इंडिया ( Hockey India) के बीच बड़ा विवाद सामने आया है. जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच पद से हटाए जाने के आरोपों के बाद अब हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने पूरी स्थिति साफ की है.
दिलीप तिर्की ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि श्रीजेश को “फायर” नहीं किया गया. उनका कोचिंग कार्यकाल दिसंबर 2025 में कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक समाप्त हुआ था. इसके बाद नए कोच की नियुक्ति के लिए नियमित प्रक्रिया अपनाई गई.
तिर्की ने कहा कि हॉकी इंडिया ने पद का विज्ञापन जारी किया, उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग हुई और मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई. उन्होंने बताया कि एक अनुभवी और योग्य कोच को चुना गया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी.
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब श्रीजेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबी पोस्ट लिखकर दावा किया कि उन्हें विदेशी कोच के लिए रास्ता बनाने की वजह से हटाया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन (Craig Fulton) जूनियर टीम के लिए विदेशी कोच चाहते हैं ताकि जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक एक जैसी प्रणाली विकसित की जा सके.
श्रीजेश ने सवाल उठाते हुए लिखा-क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को विकसित नहीं कर सकते?
It’s seems like My coaching career comes to an end after 1.5 years, during which we played 5 tournaments and secured 5 podium finishes, including a Junior World Cup bronze medal.
— sreejesh p r (@16Sreejesh) May 13, 2026
I have heard about coaches getting fired after bad performances.
But this is the first time I am…
हालांकि, दिलीप तिर्की ने इस दावे को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कभी भी श्रीजेश को यह नहीं बताया गया कि किसी विदेशी कोच को प्राथमिकता दी जा रही है. तिर्की के मुताबिक हॉकी इंडिया का पूरा फोकस 2036 ओलंपिक विजन पर है और भारतीय कोचों को तैयार करना इस योजना का अहम हिस्सा है.
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हॉकी इंडिया अध्यक्ष ने यह भी खुलासा किया कि श्रीजेश को डेवलपमेंट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव दिया गया था. यह टीम लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक और अगले ओलंपिक साइकि की तैयारी में अहम भूमिका निभाने वाली थी.
तिर्की ने कहा कि इस पद से श्रीजेश को और अनुभव तथा एक्सपोजर मिलता, लेकिन उन्होंने यह ऑफर स्वीकार नहीं किया. यहां तक कि उन्हें अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को भी कहा गया था.
हॉकी इंडिया ने भारतीय कोचिंग सिस्टम को मजबूत करने का भी दावा किया. तिर्की ने बताया कि संगठन के कोचिंग पाथवे प्रोग्राम के जरिए अब तक 600 से ज्यादा भारतीय कोचों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. साथ ही भारतीय कोचों को ट्रेनिंग कैंप में मुख्य कोचों के साथ काम करने का मौका भी दिया जा रहा है ताकि उनका अनुभव बढ़ सके.
दूसरी ओर, श्रीजेश ने अपने कार्यकाल का रिकॉर्ड भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में जूनियर टीम ने 5 टूर्नामेंट खेले और सभी में पोडियम फिनिश हासिल की. इसमें 2025 जूनियर वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल था, जो चेन्नई और मदुरै में आयोजित हुआ था.
श्रीजेश ने भावुक अंदाज में लिखा कि आमतौर पर कोच खराब प्रदर्शन के बाद हटाए जाते हैं, लेकिन उनके साथ पहली बार ऐसा हुआ जब अच्छे नतीजों के बावजूद विदेशी कोच के लिए जगह बनाई जा रही है.
विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने साफ किया कि संगठन श्रीजेश का सम्मान करता है और उन्हें भारतीय हॉकी का लीजेंड मानता है. तिर्की ने कहा कि हॉकी इंडिया भविष्य में भी श्रीजेश की सफलता की कामना करता है.