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FIFA World Cup 2026: 37 साल के गोलकीपर ने मचा दिया तहलका, 15 सेव कर बराबर किया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

कुराकाओ ने फीफा विश्व कप 2026 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. 37 वर्षीय गोलकीपर एलॉय रूम ने शानदार 15 सेव कर इक्वाडोर को गोल करने से रोक दिया और मुकाबला 0-0 से ड्रॉ कराया. कुराकाओ ने अपना पहला अंक हासिल किया और नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदों को भी जिंदा रखा.

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एलॉय रूम गोलपोस्ट के सामने बने दीवार! (Photo: Reuters)
एलॉय रूम गोलपोस्ट के सामने बने दीवार! (Photo: Reuters)

फीफा विश्व कप 2026 में रविवार (21 जून) को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने साबित कर दिया कि फुटबॉल सिर्फ गोल करने का नहीं, बल्कि गोल सेव करने का भी गेम है. ग्रुप-ई के अहम मुकाबले में इक्वाडोर ने पूरे 90 मिनट तक दबदबा बनाए रखा, लेकिन 37 वर्षीय गोलकीपर एलॉय रूम के सामने उसकी सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं. रूम ने 15 शानदार सेव किए और कुराकाओ को मैच बचाने का मौका दिया.

फीफा विश्व कप में पहली बार हिस्सा लेने वाली टीम कुराकाओ के लिए यह सिर्फ एक अंक नहीं, बल्कि इतिहास का हिस्सा बन गया. शुरुआती मैच में जर्मनी से 1-7 की करारी हार झेलने के बाद कुराकाओ पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन इक्वाडोर के खिलाफ मिले इस नतीजे ने उसकी नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा है.

कैनसस सिटी में खेले गए इस मुकाबले में इक्वाडोर के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेला. टीम ने 75 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखा और लगातार कुराकाओ के गोल पर हमले किए. मैच के शुरुआती मिनटों में ही स्टार स्ट्राइकर एनर वालेंसिया गोल करने के करीब पहुंच गए थे, लेकिन एलॉय रूम ने शानदार रिफ्लेक्स दिखाते हुए उनका प्रयास विफल कर दिया.

यही सिलसिला पूरे मैच में चलता रहा. वालेंसिया, प्लाटा और अन्य इक्वाडोरियन खिलाड़ियों ने कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन हर बार रूम उनके रास्ते में खड़े दिखाई दिए. जैसे-जैसे समय बीतता गया, इक्वाडोर की बेचैनी बढ़ती गई और कुराकाओ के गोलकीपर का आत्मविश्वास भी.

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अटैक होते रहे, लेकिन डटे रहे एलॉय रूम
पहले हाफ में एलॉय रूम ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए, लेकिन असली परीक्षा दूसरे हाफ में हुई. 65वें मिनट तक वह 10 सेव कर चुके थे. इसके बाद इक्वाडोर ने लगातार हमले तेज किए और रूम को एक के बाद एक मुश्किल शॉट्स का सामना करना पड़ा. 80वें मिनट तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने विश्व कप के एक मैच में सबसे ज्यादा सेव (बिना एक्स्ट्रा टाइम के) करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इसके बावजूद उनका काम खत्म नहीं हुआ था. अंतिम मिनटों में भी उन्होंने शानदार बचाव कर अपनी टीम को हार से बचाए रखा.

हालांकि आंकड़े इक्वाडोर के पक्ष में थे, लेकिन कुराकाओ सिर्फ बचाव करने नहीं उतरा था. टीम ने कई मौकों पर तेज काउंटर अटैक किए और इक्वाडोर की रक्षा पंक्ति को भी परेशान किया. 59वें मिनट में तो कुराकाओ गोल करने के बेहद करीब पहुंच गया था. लियेंड्रो बाकुना, कोमानेंसिया और जुर्गेन लोकाडिया ने लगातार तीन प्रयास किए, लेकिन इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गालिंदेज ने शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में पीछे होने से बचा लिया. जुनीन्हो बाकुना ने भी अंतिम चरण में शानदार शॉट लगाया, जिसे गालिंदेज ने मुश्किल से रोका.

84वें मिनट में इक्वाडोर को वह मौका मिला जिसका उसे पूरे मैच से इंतजार था. एनर वालेंसिया के पास विजयी गोल दागने का सुनहरा अवसर था, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट से बाहर निकल गया. इंजरी टाइम में इक्वाडोर ने पेनल्टी की जोरदार अपील भी की, लेकिन VAR जांच के बाद रेफरी ने खेल जारी रखने का फैसला किया. इसके साथ ही कुराकाओ के खिलाड़ियों और प्रशंसकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

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एलॉय रूम ने नीदरलैंड्स छोड़कर कुराकाओ का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया था. उनके इस कदम ने कई अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया. फुल टाइम सीटी बजते ही कुराकाओ के खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े और अपने हीरो को घेरकर जश्न मनाने लगे. यह अविश्वसनीय प्रदर्शन आने वाले वर्षों तक कुराकाओ के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए गर्व की कहानी बनी रहेगी.

ग्रुप-ई में क्वालीफिकेशन की लड़ाई अब बेहद रोमांचक हो गई है. कुराकाओ को अगले मुकाबले में आइवरी कोस्ट को हर हाल में हराना होगा और साथ ही उम्मीद करनी होगी कि जर्मनी की टीम इक्वाडोर को मात दे. वहीं इक्वाडोर के लिए जर्मनी के खिलाफ जीत दर्ज करना अहम होगा. 26 जून को होने वाले अंतिम मुकाबले तय करेंगे कि ग्रुप-ई से जर्मनी के साथ अगले दौर में कौन सी टीम जगह बनाएगी.

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