धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में सिर्फ मैच ही नहीं, बल्कि दो युवा क्रिकेटरों के सपनों ने उड़ान भरी. तेज गेंदबाज गुरनूर बरार और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को आखिरकार टीम इंडिया की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिल गया. दोनों खिलाड़ियों ने पहली बार भारतीय टीम की जर्सी पहनकर मैदान पर कदम रखा और उनके चेहरे पर सालों की मेहनत का सुकून साफ दिखाई दे रहा था.
बारिश ने भले ही मुकाबले का रोमांच कुछ देर के लिए रोक दिया हो, लेकिन गुरनूर बरार और हर्ष दुबे के लिए यह दिन जिंदगी भर की याद बन गया. बारिश के कारण मैच को 25-25 ओवर का कर दिया गया, लेकिन इससे उनके डेब्यू की चमक जरा भी कम नहीं हुई. हर्ष दुबे को डेब्यू कैप केएल राहुल ने सौंपी, वहीं शुभमन गिल के हाथों गुरनूर बरार ने डेब्यू कैप रिसीव किया. गुरनूर और हर्ष को हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे दोनों टीमों में शामिल किया गया था.
25 वर्षीय गुरनूर बरार पंजाब से आते हैं और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, उन्होंने दिसंबर 2022 में गोवा के खिलाफ पंजाब के लिए अपना लिस्ट-ए डेब्यू किया था. उसी महीने रेलवे के खिलाफ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी पदार्पण किया, गुरनूर ने रणजी ट्रॉफी 2024-25 सीजन में शानदार प्रदर्शन किया और पंजाब के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल रहे. गुरनूर आईपीएल (IPL) में गुजरात टाइटन्स (GT) का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें पिछले सीजन एक भी मुकाबले में मौका नहीं मिला.
23 साल के हर्ष दुबे महाराष्ट्र से आते हैं और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज हैं. उन्होंने जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर विदर्भ की सीनियर टीम में जगह बनाई और धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली. हर्ष की सबसे बड़ी ताकत उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी है, रणजी ट्रॉफी का 2024-25 सीजन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उन्होंने पूरे सीजन में 69 विकेट लेकर इतिहास रच दिया और टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने. हर्ष ने आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए 8 मैच खेलकर 8 विकेट झटके.
हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को तो डेब्यू का मौका मिल गया, लेकिन सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और स्पिनर कुलदीप यादव को धर्मशाला वनडे के लिए प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली. तेज गेंदबाज प्रिंस यादव भी प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बन पाए.
अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी.
भारत की प्लेइंग इलेवन: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा.