बिहार के दरभंगा में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन की सुरक्षा और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़ी कार्रवाई की है. सदर अंचल के खोजकीपुर मौजा स्थित गैरमजरूआ खास (झील) जमीन की अवैध दाखिल-खारिज और राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज किए जाने के मामले में डीएम कौशल कुमार ने तीन राजस्व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
इसके अलावा जांच में दोषी पाए गए आठ राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए 'फॉर्म-A' तैयार करने का निर्देश दिया गया है. जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: दरभंगा में ASI को पेट में मारी गोली, हमलावर की भीड़ ने पीट-पीटकर कर दी हत्या, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
डीएम के मुताबिक, प्रशासन को सूचना मिली थी कि सदर अंचल के खोजकीपुर मौजा, थाना संख्या-600 में करीब 4 बीघा 13 कट्ठा 10 धूर गैरमजरूआ खास (झील) जमीन पर मिट्टी भरकर प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से सरकारी नियमों के खिलाफ जाकर जमीन का लेन-देन की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए गए.
दो-सदस्यीय जांच समिति का हुआ गठन
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में दो-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया. समिति में भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर, दरभंगा को भी शामिल किया गया. जांच टीम को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करते हुए संयुक्त जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था.
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि तत्कालीन अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने गलत इरादे से सरकारी भूमि के 27 मामलों में दाखिल-खारिज कर रैयती जमाबंदी कायम कर दी. रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की.
जांच के बाद चन्दन कुमार शर्मा (राजस्व कर्मचारी, सदर अंचल), नन्द लाल दास (तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, वर्तमान में जाले अंचल, प्रतिनियुक्ति पर बहेड़ी अंचल) तथा नेहाल कुमार (राजस्व कर्मचारी, सदर अंचल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
आठ अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन अंचल अधिकारी अरुण कुमार सक्सेना (सेवानिवृत्त), इन्द्रसान साह (सेवानिवृत्त), रंधीर कुमार (वर्तमान में अंचल अधिकारी, गौनाहा, पश्चिमी चंपारण), राजस्व अधिकारी विनीत चित्रा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी बबन पाल (प्रोन्नति के बाद अन्य जिले में पदस्थापित), राधेश्याम चौधरी (सेवानिवृत्त), भरत कुमार (सेवानिवृत्त) तथा पूर्णानन्द झा (सेवानिवृत्त) के खिलाफ 'फॉर्म-A' तैयार करने का निर्देश दिया है.
डीएम कौशल कुमार ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण, फर्जी दाखिल-खारिज या अनियमित तरीके से रैयती जमाबंदी कायम करने जैसी गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व अभिलेखों की शुचिता और पारदर्शी प्रशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. भविष्य में भी इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.