भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैच के बहिष्कार के फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट को बड़े संकट में डाल दिया है. पाकिस्तान सरकार के निर्देश के बाद अगर पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) औपचारिक रूप से भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करता है, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) उस पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है, जिसमें टूर्नामेंट से बैन तक शामिल है.
सूत्रों के मुताबिक आईसीसी पाकिस्तान पर कई दंडात्मक कदमों पर विचार कर रहा है. ICC बोर्ड अगले 48 घंटो के अंदर वर्चुअल मीटिंग करेगा, जिसमें यह तय होगा कि पाकिस्तान को टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दी जाए या नहीं. अगर अनुमति मिलती भी है, तो पीसीबी को भारी सजा भुगतनी पड़ सकती है.
पयह भी पढ़ें: रिटायर होते हैं, फिर लौट आते हैं... मैच बायकॉट पर गावस्कर का तंज, पाकिस्तान को बताया ‘U-टर्न एक्सपर्ट’
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान ने आईसीसी और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के साथ न्यूट्रल वेन्यू पर खेलने का जो बाध्यकारी समझौता किया था, उसका उसने उल्लंघन किया है. ऐसे में सदस्य बोर्ड पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने से इनकार कर सकते हैं. ऐसा होता है तो पाकिस्तानी टीम अलग-थलग पड़ जाएगी. सूत्र के अनुसार पाकिस्तान को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के अंक नहीं दिए जा सकते है, जिससे उसकी इस टूर्नामेंट से एक तरह विदाई हो जाएगी.
आईसीसी पीसीबी को ऐसा झटके दे सकती है, जिससे उसकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा. पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और ICC से मिलने वाली वार्षिक फंडिंग पर संकट मंडरा रहा है. आईसीसी विदेशी खिलाड़ियों को PSL में खेलने से रोक सकती है. केवल रिटायर्ड खिलाड़ी या फ्री एजेंट ही लीग में हिस्सा ले पाएंगे. इससे लीग की ब्रांड वैल्यू और व्यावसायिक आकर्षण बुरी तरह गिर जाएगा.
यह भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान मैच में मोबाइल विवाद... सरफराज पर लगा नियमों के उल्लंघन का आरोप, ICC लेगी एक्शन?
इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान मैच ना होने से ब्रॉडकास्टर जियोहॉटस्टार को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा, जिसकी भरपाई PCB को करनी पड़ सकती है. सूत्रों के मुताबिक, अकेले विज्ञापन राजस्व में ही 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है. ICC इस हद तक भी जा सकता है कि पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया जाए और उसकी जगह युगांडा को टूर्नामेंट में शामिल किया जाए. हालांकि इस पर अंतिम फैसला बोर्ड मीटिंग के बाद ही लिया जाएगा.
हर कदम नुकसान की तरफ ले जाएगा
भारत के खिलाफ टकराव की राह चुनकर पाकिस्तान ने खुद को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां हर फैसला उसे और नुकसान की ओर धकेल सकता है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी से राजस्व के तौर पर हर साल करीब 316.50 करोड़ रुपये मिलते हैं. आईसीसी यदि पीसीबी पर बैन लगाता है, तो उसका क्रिकेट तरह तबाह हो जाएगा.
क्रिकेट का सबसे बड़ा बाजार भारत है, ऐसे में आईसीसी के राजस्व में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का योगदान काफी ज्यादा है. पाकिस्तान ने ना सिर्फ आईसीसी, बल्कि बीसीसीआई से भी पंगा ले लिया है. इसके परिणाम उसके लिए अच्छे नहीं रहने वाले हैं. अब सवाल सिर्फ यही है क्या PCB आखिरी वक्त पर यू-टर्न लेगा या ICC की सख्ती का सामना करेगा?
पाकिस्तान ले सकता है यू-टर्न
हो सकता है कि आईसीसी की सख्ती के बाद पीसीबी अपने फैसले पर पलट जाए. वैसे भी पाकिस्तान यू-टर्न लेने में एक्सपर्ट माना जाता है. उसके कई खिलाड़ी रिटायरमेंट तोड़कर मैदान पर कमबैक कर चुके हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी और बीसीसीआई से ज्यादा टकराने की स्थिति में नहीं है. अगर मामला काफी आगे बढ़ा तो पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह पस्त हो जाएगा.