Vinod Kambli Birthday:दिग्गज बल्लेबाज विनोद कांबली को ऐसा बल्लेबाज कहा जाता था, जिनका एक अलग ऑरा, चार्म था. उनकी बल्लेबाजी शैली के लोग मुरीद थे. लेकिन फिर ऐसा दौर आया कि वो गुमनामी के दौर में चले गए. कभी कहा जाता था कि वो अपने दोस्त सचिन तेंदुलकर से आगे निकलेंगे, लेकिन फिर उनकी खराब आदतें, जिसमें शराब की लत भी थी. उसने उनका करियर खराब कर दिया.
कांबली रविवार (18 जनवरी 2026) को 54 साल के हो गए हैं. दिसंबर 2024 में उनके कोच रमाकांत आचरेकर की श्रद्धांजलि सभा में कांबली सचिन को देखकर भावुक हो गए और उनका हाथ पकड़ लिया, इसको लेकर तब कई तरह क कहानी रची गईं.
54 साल के विनोद कांबली पिछले कुछ सालों में कई बार बीमार हुए. 2024 अक्टूबर में उनकी तबीयत खराब होने की खबर आई थी. उस समय उन्हें यूरिनरी इंफेक्शन था.हालांकि वे उस इंफेक्शन से ठीक हो गए थे, लेकिन कुछ समय बाद समस्या दोबारा बढ़ गई और दिसंबर 2024 के अंत में उन्हें भिवंडी के एक अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. एमआरआई में उनके दिमाग में क्लॉट (थक्का) का जमना भी सामने आया था. डॉक्टरों की निगरानी और इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई.
अगस्त 2025 में उनके भाई विनोद कांबली के भाई वीरेंद्र का इंटरव्यू आया, कहा गया वो वह अभी घर पर हैं. उनकी हालत थोड़ी स्थिर है, लेकिन इलाज जारी है. उन्हें बोलने में दिक्कत हो रही है. ठीक होने में वक्त लगेगा. लेकिन वो एक चैम्पियन हैं और वापसी जरूर करेंगे. फिलहाल लंबे अर्से से विनोद को लेकर कोई अपडेट नहीं हैं.
यह भी पढ़ें: शराब के नशे में फील्ड पर उतरे इन 4 खिलाड़ियों ने मचाया तूफान, लिस्ट में भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली भी शामिल
सचिन के खास दोस्त का टेस्ट मैच का महारिकॉर्ड आज भी कायम
लेकिन एक समय उनकी क्रिकेट के मैदान पर तूती बोलती थी.कभी कांबली-सचिन एक साथ कोच रमाकांत आचरेकर के मार्गदर्शन में शिवाजी पार्क में क्रिकेट खेलते थे. विनोद कांबली ने डेब्यू के बाद टीम इंडिया के लिए आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी और शुरुआती 7 मैचों में ही 4 शतक लगा दिए, जिसमें से दो दोहरे शतक थे. वहीं उन्होंने उन्होंने भारत के लिए टेस्ट मैचों में सबसे तेज 1000 रन भी पूरे किए. कुल मिलाकर 14 पारी में उन्होंने ऐसा किया.
उनका यह रिकॉर्ड तोड़ने के काफी करीब यशस्वी जायसवाल आए थे. लेकिन उन्होंने 16 पारियों में ऐसा किया था. यानी कांबली का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है.
यह भी पढ़ें: विनोद कांबली ने सुनील शेट्टी-संजय दत्त के साथ मचाई थी धूम... 3 फिल्में कीं, जिनका हुआ ये हाल
कांबली ने टीम इंडिया के लिए 1991 में वनडे से डेब्यू किया था, जबकि 2000 में आखिरी वनडे खेला था. कांबली ने 104 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेले. उन्होंने कुल 3561 इंटरनेशनल रन बनाए थे.
अक्टूबर 2000 के बाद विनोद कांबली को भारत की वनडे टीम में नहीं चुना गया. उनका आखिरी वनडे मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ शारजाह में था. 2009 में कांबली ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया, जबकि 2011 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. बाएं हाथ के बल्लेबाज कांबली ने टेस्ट में 54.20 की औसत से 1084 रन बनाए, जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे.
वहीं वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 32.59 के एवरेज से 2477 रन बनाए. वनडे इंटरनेशनल में कांबली के बल्ले से दो शतक और 14 अर्धशतक आए थे.