वह पल आखिरकार आ ही गया, जिसका करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैन्स को इंतजार था. 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार (4 जुलाई) को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया. डेब्यू से पहले जब उन्हें टीम इंडिया की कैप सौंपी गई, तो वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके. उनकी आंखें नम हो गईं और वह आंसू पोंछते नजर आए. यह भावुक पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया. वैभव ने इस मुकाबले में 10 बॉल पर 14 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के शामिल रहे. वैभव को स्पिनर विल जैक्स ने पवेलियन भेजा. आउट होकर पवेलियन लौटते वक्त भी वैभव भावुक हो गए.
भारत के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेलने उतरे वैभव सूर्यवंशी को टी20 टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने डेब्यू कैप सौंपी. वैभव भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल खेलने वाले 122वें खिलाड़ी बने. कैप मिलते ही वैभव कुछ पल के लिए भावुक हो गए. वर्षों की मेहनत, संघर्ष और सपनों का यह पल उनके लिए बेहद खास था. मैदान पर मौजूद साथी खिलाड़ियों ने तालियों के साथ उनका हौसला बढ़ाया.
उन्होंने 15 साल और 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया और भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी बन गए. इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. सचिन ने 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट में 16 साल और 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था.
इतना ही नहीं भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू (पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों) करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 15 साल और 239 दिन की उम्र में भारतीय महिला टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था.
पिछले कुछ महीनों में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित नाम बनकर उभरे हैं. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए. आईपीएल के बाद वैभव को इंडिया-ए टीम में जगह मिली. श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, जो लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक था. इस पारी ने साफ कर दिया था कि वह सिर्फ टी20 ही नहीं, हर प्रारूप में बड़ा खिलाड़ी बनने की क्षमता रखते हैं.
डेब्यू कैप मिलने के बाद आंखों से छलकते आंसू सिर्फ भावुक पल नहीं थे, बल्कि उस लंबे संघर्ष, मेहनत और सपने की कहानी थे, जिसे वैभव सूर्यवंशी ने बचपन से जिया है. महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले इस युवा बल्लेबाज से अब पूरे देश को बड़ी उम्मीदें हैं.