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ना सचिन, ना कोहली... वैभव सूर्यवंशी के बचपन के सुपरहीरो निकले सुनील गावस्कर, बाउंसरों से लड़ना सिखाया

आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि बचपन में बाउंसर गेंदों से परेशान होने पर उनके पिता उन्हें सुनील गावस्कर की कहानियां सुनाकर प्रेरित करते थे. आईपीएल फाइनल के बाद गावस्कर से मुलाकात में वैभव ने यह किस्सा साझा किया. युवा बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा भी जताई, जबकि अब वह श्रीलंका में इंडिया ए के लिए ट्राई सीरीज खेलेंगे.

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'बाउंसर से मैं फ्रस्टेट हो जाता हूं', वैभव ने बताया कैसे गावस्कर बने उनके बचपन की सबसे बड़ी प्रेरणा (Photo: Screengrab)
'बाउंसर से मैं फ्रस्टेट हो जाता हूं', वैभव ने बताया कैसे गावस्कर बने उनके बचपन की सबसे बड़ी प्रेरणा (Photo: Screengrab)

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने खुलासा किया है कि बचपन में जब वह बाउंसर गेंदों से परेशान हो जाते थे, तब उनके पिता उन्हें महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की कहानियां सुनाकर प्रेरित किया करते थे. आईपीएल 2026 फाइनल के बाद गावस्कर से मुलाकात के दौरान वैभव ने खुद यह दिलचस्प किस्सा साझा किया. 

हालांकि राजस्थान रॉयल्स इस सीजन फाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में गहरी छाप छोड़ी. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज', 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन' समेत कई व्यक्तिगत पुरस्कार मिले. पूरे सीजन में वैभव ने सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही नहीं दिखाई, बल्कि मैच की परिस्थिति के हिसाब से अपने खेल को ढालने की क्षमता भी साबित की.

आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ वैभव को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी तेज गेंदबाजी का कड़ा इम्तिहान देना पड़ा. गुजरात के गेंदबाजों ने उनके खिलाफ लगातार शॉर्ट गेंदों और बाउंसरों की रणनीति अपनाई. कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे टेस्ट क्रिकेट खेल चुके गेंदबाजों ने उन्हें लगातार शरीर पर गेंदें फेंकीं.

मैच के दौरान मोहम्मद सिराज की एक तेज बाउंसर सीधे वैभव के हेलमेट पर लगी, जिसके बाद मैदान पर उनका कन्कशन टेस्ट भी किया गया. इसके बावजूद युवा बल्लेबाज ने हिम्मत नहीं हारी और 96 रन की शानदार पारी खेली. हालांकि राजस्थान को हार का सामना करना पड़ा और टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई.

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फाइनल के बाद सुनील गावस्कर से बातचीत में वैभव ने बताया कि बचपन में उनके पिता अक्सर महान बल्लेबाज के संघर्षों की कहानियां सुनाया करते थे.

वैभव ने कहा- मेरे पिता ने आपके बारे में मुझे बहुत कुछ बताया है. घर के पास सीमेंट की पिच पर मैं अभ्यास करता था, जिसे मेरे पिता ने ही बनवाया था. जब मैं छोटा था और कुछ अच्छे शॉट खेल लेता था, तब गेंदबाज मुझे बाउंसर फेंकने लगते थे. मैं इससे काफी परेशान हो जाता था. 

उन्होंने आगे कहा; तब मेरे पिता मुझे आपकी कहानियां सुनाते थे. वह कहते थे कि हमारे समय में एक महान बल्लेबाज थे, जो बिना हेलमेट पहने वेस्टइंडीज के खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करते थे और उन्हें पुल शॉट पर छक्के भी लगाते थे. उनकी बातें सुनकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती थी. 

वैभव ने इस बातचीत के दौरान यह भी साफ किया कि उनका सपना सिर्फ सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलने तक सीमित नहीं है. युवा बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट खेलने की अपनी इच्छा भी जाहिर की.

हाल के दिनों में कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने वैभव को भारतीय टीम में मौका देने की मांग की है. कुछ लोगों का मानना है कि वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं, जबकि कई दिग्गज उन्हें भविष्य का टेस्ट खिलाड़ी भी मानते हैं. महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट में खेलते देखना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने अंतिम फैसला चयनकर्ताओं पर छोड़ दिया है.

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भारत के इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन वैभव को फिलहाल इंडिया ए टीम में जगह मिली है. वह श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय वनडे सीरीज में भारत ए का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान ए टीम भी हिस्सा लेगी. युवा बल्लेबाज के लिए यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के बीच खुद को और मजबूत साबित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है.

 

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