scorecardresearch
 

वर्ल्ड कप में संजू सैमसन ने कप्तान से की थी बस एक डिमांड, ट्रॉफी जीतने के बाद सूर्या ने खोला राज

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान संजू सैमसन शुरुआत में टीम से बाहर थे, लेकिन उन्होंने कप्तान सूर्यकुमार यादव से कहा कि वह टीम के लिए जो भी जरूरी होगा करने को तैयार हैं. बाद में उन्हें मौका मिला और उन्होंने 5 पारियों में 321 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने.

Advertisement
X
वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन (Photo: ITG)
वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन (Photo: ITG)

टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि संजू सैमसन ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान किस तरह टीम को खुद से ऊपर रखा. टूर्नामेंट की शुरुआत में सैमसन प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, लेकिन उन्होंने कप्तान से बस एक ही बात कही- 'आप बस बताइए कि मैं टीम के लिए क्या कर सकता हूं.'

वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव ने एक शो में बताया कि इस वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान के तौर पर सबसे मुश्किल काम उन खिलाड़ियों को संभालना था जिन्हें हर मैच में खेलने का मौका नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी लगातार खेलते रहते हैं, उन्हें पता होता है कि मैदान पर क्या करना है. लेकिन जो खिलाड़ी कभी भी खेल सकते हैं, लेकिन हर मैच में मौका नहीं मिलता, उनके लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखना मुश्किल होता है. इसलिए ऐसे खिलाड़ियों के साथ ज्यादा समय बिताना और लगातार बात करना बहुत जरूरी था.

सुनाया संजू सैमसन का किस्सा

सूर्या ने बताया कि संजू सैमसन उनके पास आए और कहा कि उन्हें बस यह बता दिया जाए कि टीम के लिए उन्हें क्या करना है. सूर्यकुमार के मुताबिक किसी खिलाड़ी का ऐसा रवैया टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है. उन्होंने कहा कि टीम में 1 से लेकर 15 तक हर खिलाड़ी की अपनी अलग कहानी होती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ICC T20 Rankings: संजू ने लगाई लंबी छलांग, वरुण से छिनी बादशाहत, वर्ल्ड कप के बाद इन खिलाड़ियों की बल्ले बल्ले

कैसे रहा संजू सैमसन का वर्ल्ड कप

टूर्नामेंट की शुरुआत में सैमसन प्लेइंग इलेवन से बाहर थे, क्योंकि टीम मैनेजमेंट अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमा रहा था. लेकिन जब नॉकआउट मुकाबले शुरू हुए तो उन्हें टॉप ऑर्डर में बड़ी जिम्मेदारी दी गई.

सैमसन ने इस मौके को शानदार तरीके से भुनाया.

सबसे पहले उन्होंने कोलकाता में विंडीज के खिलाफ सुपर-8 के करो या मरो मैच में नाबाद 97 रन बनाए. इस पारी ने भारत के अभियान को जिंदा रखा और वहीं से उनके शानदार प्रदर्शन की शुरुआत हुई. इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में 89 रन की पारी खेली और फाइनल में भी 89 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई.

यह भी पढ़ें: पेट्रोल पंप वाली VIRAL फोटो पर सूर्या ने तोड़ी चुप्पी, बताया कब और क्यों ली गई थी तस्वीर

सिर्फ पांच पारियों में सैमसन ने कुल 321 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय खिलाड़ी द्वारा एक टी20 वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन हैं. वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शतक से चूकने के बावजूद सैमसन ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड की चिंता नहीं की और कहा कि टीम की जीत ही उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है.

Advertisement

आखिर में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यानी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया, जबकि उन्होंने सिर्फ पांच मैच ही खेले थे.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement