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27 चौके-छक्के और 194 रन... कहां गायब हुआ ये पाकिस्तानी बैटर? 12 साल तक कायम रहा महार‍िकॉर्ड,

पाकिस्तान के पूर्व ओपनर सईद अनवर ने आज के ही द‍िन (21 मई 1997) भारत के खिलाफ 194 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. लेकिन 2001 में बेटी बिस्माह की मौत ने उनकी जिंदगी बदल दी. इसके बाद उनका झुकाव धर्म की ओर हो गया और उन्होंने 2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

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भारत के खिलाफ सबसे खतरनाक पाकिस्तानी बल्लेबाजों में था नाम, अब जी रहा गुमनाम जिंदगी (Photo: ITG)
भारत के खिलाफ सबसे खतरनाक पाकिस्तानी बल्लेबाजों में था नाम, अब जी रहा गुमनाम जिंदगी (Photo: ITG)

21 मई 1997... भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए यह तारीख किसी बुरे सपने से कम नहीं थी. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पाकिस्तान के ओपनर सईद अनवर ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने वनडे क्रिकेट का इतिहास बदल दिया. इंडिपेंडेंस कप के मुकाबले में अनवर ने भारत के खिलाफ 146 गेंदों पर 194 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 22 चौके और 5 छक्के शामिल थे. उस दौर में यह वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च हाइएस्ट स्कोर था.

सईद अनवर ने इस पारी के दौरान वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज व‍िव र‍िचर्ड्स के 189 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था. यह रिकॉर्ड करीब 12 साल तक उनके नाम रहा. बाद में 2009 में जिम्बाब्वे के  चार्ल्स कोवेंट्री ने 194 रन बनाकर इसकी बराबरी की, लेकिन 2010 में सच‍िन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया.

हालांकि, सईद अनवर के पास दुनिया का पहला ODI दोहरा शतक लगाने का सुनहरा मौका था, लेकिन तब उस मैच में  भारतीय टीम  कप्तान सचिन तेंदुलकर ने खुद गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर दिया. अनवर का कैच सौरव गांगुली ने पकड़ा और वह 194 रन पर रुक गए.

उस मुकाबले में पाकिस्तान ने 50 ओवर में 327/5 रन बनाए थे. अनवर को बड़ी पारी खेलने में शाहिद आफरीदी की तेज रनिंग का भी फायदा मिला. चेन्नई की भीषण गर्मी और उमस के बीच आफरीदी ज्यादातर समय रनर की भूमिका में नजर आए.

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जवाब में भारतीय टीम 49.2 ओवर में 292 रन पर सिमट गई और पाकिस्तान ने मैच 35 रन से जीत लिया. भारत की ओर से राहुल द्रव‍िड़ ने 107 रन बनाए, जबकि व‍िनोद कांबली ने 65 रन की पारी खेली. पाकिस्तान के लिए आक‍िब जावेद ने 10 ओवर में 61 रन देकर 5 विकेट झटके.

बेटी की मौत ने बदल दी जिंदगी
सईद अनवर का इंटरनेशनल करियर शानदार रहा, लेकिन निजी जिंदगी में एक हादसे ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया. अगस्त 2001 में पाकिस्तान ने मुल्तान टेस्ट में बांग्लादेश को पारी और 264 रन से हराया था. उस मैच में पाकिस्तान के पांच बल्लेबाजों ने शतक लगाए थे, जिनमें अनवर भी शामिल थे. उन्होंने 101 रन बनाए थे.

लेकिन यह शतक उनके टेस्ट करियर का आखिरी शतक साबित हुआ. मैच खत्म होने के दो दिन बाद उनकी साढ़े तीन साल की बेटी बिस्माह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. इस सदमे ने अनवर को अंदर से तोड़ दिया. वह तुरंत लाहौर लौट गए और फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले.

बेटी की मौत के बाद सईद अनवर का झुकाव धर्म की ओर बढ़ गया. उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनानी शुरू कर दी और इस्लाम के प्रचार-प्रसार में जुट गए. उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली और सार्वजनिक जीवन से भी काफी हद तक दूर हो गए.

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हालांकि, वनडे क्रिकेट में वह कुछ समय तक खेलते रहे. 2003 वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के खिलाफ शानदार शतक लगाया था. उस सेंचुरी को उन्होंने अपनी दिवंगत बेटी को समर्पित किया था. लेकिन पाकिस्तान वह मुकाबला हार गया था. आखिरकार 15 अगस्त 2003 को सईद अनवर ने इंटरनेशनल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया.

भारत के खिलाफ खूब चला बल्ला
अब 57 साल के हो चुके सईद अनवर का रिकॉर्ड भारत के खिलाफ बेहद शानदार रहा. उन्होंने भारत के खिलाफ 50 वनडे मैचों में 2002 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 8 अर्धशतक निकले.

टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. तीन टेस्ट मैचों में उन्होंने 57.80 की औसत से 289 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा.

सईद अनवर ने पाकिस्तान के लिए 55 टेस्ट मैचों में 4052 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 11 शतक और 25 अर्धशतक जड़े. वहीं 247 वनडे मैचों में उनके नाम 8824 रन दर्ज हैं, जिसमें 20 शतक और 43 अर्धशतक शामिल हैं.
 

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