पाकिस्तान के एक अखबार का कहना है कि भारत-पाकिस्तान मैच धर्मशाला से कोलकाता स्थानांतरित होने के बाद बीसीसीआई को पाकिस्तान के दर्शकों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए. अखबार ने लिखा है कि जिन्होंने धर्मशाला के मैच के लिए टिकट खरीदे हैं और होटलों में बुकिंग कराई है, उनके लिए बीसीसीआई को अलग से इंतजाम करना चाहिए.
अखबार द नेशन ने गुरुवार को 'धर्मशाला फिएस्को' के नाम से लिखे अपने संपादकीय में लिखा है कि दुनिया भर में क्रिकेट के समर्थक सांसें रोक कर पाकिस्तान की सुरक्षा टीम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. अखबार ने लिखा है, 'जब भारत धर्मशाला में सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थ रहा तो उसने भारत-पाकिस्तान के मैच को कोलकाता स्थानांतरित कर दिया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की मैच को स्थानांतरित करने की घोषणा से यह डर खत्म हो गया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से नाम वापस ले सकता है. भारत में बढ़ती असहनशीलता, समस्याओं के खिलाफ हिंसक प्रतिक्रियाएं और पाकिस्तान से नफरत के इर्द-गिर्द बुनी राजनैतिक संस्कृति मुख्य मुद्दे हैं. '
अखबार के संपादकीय में लिखा गया है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अंतिम समय पर समस्याओं को जन्म दिया. 'अपने आप को धर्मनिरपेक्ष पार्टी कहने वाली कांग्रेस, जिससे वह आते हैं, के किसी भी नेता ने उन्हें समझाने या मनाने की कोशिश नहीं की. अगर राज्य इकाईयां सुरक्षा मुहैया कराने में अनिच्छुक थीं तो संघीय इकाईयों ने क्यों इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और आगे नहीं आईं. किसी भी महासंघ और राजनैतिक पार्टी ने इस समस्या को सुलझाने की कोशिश नहीं की, जो कि मूलत: एक राजनैतिक समस्या थी और जो अपने-अपने हितों को साधने के लिए पैदा की गई थी.'
संपादकीय में बीसीसीआई के बारे में लिखा गया है, 'बीसीसीआई की कमजोर रणनीति और अदूरदर्शिता के कारण यह अनचाही समस्या आई है लेकिन उसे आईसीसी द्वारा दंडित नहीं किया जाएगा.' वे समर्थक, खासकर पाकिस्तानी दर्शक, जिन्होंने मैच के टिकट खरीद लिए थे और होटल में बुकिंग करा ली थी, उनके लिए बीसीसीआई को विकल्प मुहैया कराना चाहिए. अगर उनके पास वर्ल्ड टी20 का आयोजन करने के लिए पैसा है तो उन दर्शकों को पुनर्भुगतान करने के लिए भी पैसा होगा जो अपनी किसी भी गलती के बगैर नुकसान की हालत में हैं.'