टीम इंडिया ने बांग्लादेश को तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मैच में 227 रनों से हराया. भारतीय टीम की जीत में स्टार बल्लेबाज ईशान किशन का अहम रोल रहा जिन्होंने 131 गेंदों पर 210 रन बना डाले. ईशान किशन इस फॉर्मेट में डबल सेंचुरी जड़ने वाले महज चौथे भारतीय बल्लेबाज हैं. यही नहीं 24 साल के ईशान किशन कैरेबियाई धुरंधर क्रिस गेल को पछाड़ वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए.
धोनी ने दी थी ईशान को ये सलाह
अब ईशान किशन के बचपन कोच उत्तम मजूमदार ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी द्वारा इस युवा बल्लेबाज को डेब्यू से पहले दी गई सलाह को याद किया. उत्तम मजूमदार ने ये भी कहा कि ईशान किशन के बड़े भाई भी एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर थे लेकिन उन्हें मेडिकल डिग्री के लिए खेल का त्याग करना पड़ा.
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उत्तम मजूमदार ने कहा, 'मुझे याद है कि एमएस धोनी ने ईशान से कहा था कि अगर उसकी जैसी प्रतिभा लंबे समय तक देश के लिए नहीं खेलती है तो वो किसी और के साथ नहीं बल्कि खुद के साथ अन्याय करेगा. ईशान के बड़े भाई राज किशन एक बहुत ही प्रतिभाशाली क्रिकेटर थे. लेकिन तब माता-पिता को यह फैसला लेने की जरूरत थी कि एक लड़का खेल और दूसरा शिक्षा प्राप्त करे. इसलिए बड़े होने के नाते राज ने क्रिकेट का त्याग किया और मेडिकल की डिग्री हासिल की.'
छह साल में ट्रेनिंग के लिए आए थे ईशान
मजूमदार कहते हैं, 'ईशान प्रशिक्षण के लिए पहला दिन आया तो वह काफी छोटा था, ऐसे में मैंने उसे अंडरआर्म गेंदों से खिलाया और उस बच्चे ने सही कवर ड्राइव खेला. जिस क्षण मैंने छह साल के बच्चे के बैट से कुछ कवर ड्राइव देखे, मैंने प्रणव जी से कहा कि आपका बेटा खास है और अगर वह भारत के लिए नहीं खेलता है तो उसे बदकिस्मत होना पड़ेगा.
मजूदार ईशान को देते हैं ये सलाह
उत्तम मजूमदार ने आगे कहा, 'मैं उसे लगातार बड़े शॉट खेलने के लिए कहता था और वह तब तक नहीं रुकता था जब तक वह ठीक से वह शॉट खेल नहीं लेता था. वह केवल 24 साल का है लेकिन उसने काफी उतार-चढ़ाव देखा है. वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत है. मैं हमेशा उससे कहता हूं कि जो बीच चुका है वो इतिहास है. मेरे लिए बीता हुआ कल कभी मायने नहीं रखता और मैं हमेशा ईशान से यही कहता हूं.
नेट्स में जमकर प्रैक्टिस करते हैं ईशान
तीसरे वनडे मुकाबले में अपनी पारी के दौरान ईशान किशन ने 10 छक्के लगाए, जिसमें पुल और लॉफ्टेड ड्राइव भी शामिल थे. मजूमदार ने कहा, 'आपने उन 10 छक्कों को देखकरप महसूस किया होगा कि इतने छोटे कद के बावजूद वह किस तरह की शक्ति उत्पन्न करता है. यह रातोंरात नहीं हुआ है. यह महीनों के प्रशिक्षण में हुआ है जहां वह दो सत्रों में बल्लेबाजी करके कम से कम 500 या 600 बॉल खेलता है. उनमें से कम से कम 200 गेंदों पर वह बड़े शॉट खेलता है.'