इस साल टी20 वर्ल्ड कप में जिस ईशान किशन के बल्ले ने विरोधी गेंदबाजों की नींद उड़ा दी थी, अब वही ईशान एक-एक रन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. दुनिया के नंबर-1 टी20I बल्लेबाज ईशान के लिए यूरोप दौरा अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है. अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर ने कुछ मौकों पर जरूर रन बनाए, लेकिन ईशान का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है.
ईशान किशन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर कुल 6 पारियों में 13.16 के एवरेज और 108.21 की स्ट्राइक रेट से 79 रन बना पाए हैं. चिंता सिर्फ उनके खराब आंकड़ों की नहीं, बल्कि बार-बार एक ही तरह से विकेट गंवाने की भी है. यूरोपियन पिचों की उछाल और मूवमेंट के सामने ईशान अब तक खुद को ढाल नहीं पाए हैं.
आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में ईशान किशन ने 1 और 12 रन बनाए थे. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20I में वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20I में ईशान के बल्ले से 40 गेंदों पर 49 रन जरूर निकले, लेकिन इसके बाद वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सके. नॉटिंघम में 13 और ब्रिस्टल में वो सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए. एक ऐसे बल्लेबाज के लिए ये आंकड़े बेहद निराशाजनक हैं, जो दुनिया का नंबर-1 बल्लेबाज है.
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ईशान किशन का मौजूदा खराब प्रदर्शन इसलिए भी हैरान करता है क्योंकि कुछ महीने पहले तक वह अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में थे. भारतीय टीम में वापसी से पहले ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी. उन्होंने तब 197.32 की स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाए और झारखंड को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. दो साल से ज्यादा समय बाद जब भारतीय टीम में ईशान किशन की वापसी हुई, उनका बल्ला यहां भी नहीं रुका. जनवरी से लेकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 तक उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने इस पीरियड में कुल 13 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 40.92 के एवरेज और 207 की स्ट्राइक रेट से 532 रन ठोके.
एक ही पैटर्न पर हो रहे आउट
इसके बाद IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में भी ईशान ने 182.42 की स्ट्राइक रेट से 602 रन बनाए. लेकिन यूरोप पहुंचते ही मानो उनकी बल्लेबाजी को किसी की नजर लग गई. ईशान किशन की नाकामी से भी ज्यादा उनके आउट होने का तरीका टीम इंडिया की चिंता बढ़ा रहा है. पिछली 6 पारियों में वह दो बार रन आउट हुए हैं, जबकि चार बार कैच देकर पवेलियन लौटे. खासकर इंग्लैंड के खिलाफ उनकी पिछली तीन पारियां एक ऐसे बल्लेबाज की कहानी बयां करती हैं, जो यहां की परिस्थितियों में गेंद की अतिरिक्त उछाल और मूवमेंट को समझने में नाकाम रहा है.
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मैनचेस्टर में ईशान किशन अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे. तभी सैम करन की ऑफ स्टम्प के बाहर की गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की. गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आई और लियाम डॉसन ने एक्स्ट्रा कवर पर आसान कैच पकड़ लिया. नॉटिंघम में ईशान एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों की रणनीति का शिकार बने. जोश टंग ने शॉर्ट गेंद फेंकी और ईशान ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन वह अतिरिक्त उछाल को नियंत्रित नहीं कर पाए और डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे.
ब्रिस्टल में भी कहानी नहीं बदली. जोश टंग ने हार्ड लेंथ पर गेंद फेंकी, जो उछलते हुए ऑफ स्टम्प के बाहर पड़ी. ईशान किशन ने एक बार फिर गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन टॉप एज लगा और सैम करन ने शॉर्ट थर्ड पर उनका कैच पकड़ लिया. तीन मैच और तीन कैच. हर बार ईशान ने गेंद पर ताकत लगाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों में नियंत्रण की कमी उन पर भारी पड़ी.
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की हो रही है. वैभव को मौका मिलेगा या नहीं? संजू की टीम में जगह बचेगी या नहीं? इन सवालों के बीच ईशान किशन का खराब प्रदर्शन काफी हद तक नजरों से बच गया. लेकिन आंकड़े ईशान की मुश्किलों की पूरी कहानी बता रहे हैं.
श्रेयस अय्यर की कप्तानी भी फीकी
ईशान किशन का खराब प्रदर्शन टीम इंडिया के मौजूदा हालात को भी बयां करता है. टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम से नए साइकिल में शानदार शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम अब तक एक भी टी20I मुकाबला नहीं जीत सकी है. पहले आयरलैंड ने भारत को 2-0 से हराकर इतिहास रचा और अब इंग्लैंड ने भी सीरीज अपने नाम कर ली है.
टीम इंडिया की इस दुर्गति में बल्लेबाजों की नाकामी सबसे बड़ी वजहों में से एक रही है. भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला साउथम्प्टन में खेला जाएगा. सीरीज गंवा चुकी टीम इंडिया के लिए यह मैच सम्मान बचाने का आखिरी मौका है, वहीं ईशान किशन के लिए यह मुकाबला खोई हुई लय हासिल करने का अवसर देगा.